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जोधपुर

गोचर भूमि से पौधे उखाड़ने की निष्पक्ष जांच की मांग, रात में कलक्ट्रेट की ओर कूच, पुलिस ने रोका

कलक्टर कार्यालय घेराव को निकले तो पुलिस ने रास्ते में रोका, सड़क पर बैठे सैंकड़ों ग्रामीण, वार्ता में निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर ग्रामीण लौटे, दो ढाई घंटे तक यातायात बाधित रहा

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जोधपुर. जैसलमेर रोड पर पूनियों की प्याऊ गांव में गोचर भूमि पर अतिक्रमण को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गत दिनों दो पक्षों के बीच पौधे उखाड़ने वालों का पता लगाने व अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रविवार रात कलक्टर कार्यालय निकले, लेकिन पुलिस ने प्रतापनगर टैम्पो स्टैण्ड के पास रोक लिया। ग्रामीण वहीं धरना देकर बैठ गए। प्रतापनगर थाने में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) गौरव गोयल व भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग के साथ वार्ता के बाद दस दिन में निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर गतिरोध समाप्त हुआ और ग्रामीण गांव लौटे।

प्रमुख मांगें…

● गोचर भूमि पर दो बार तोड़-फोड़, पौधे व ट्री-गार्ड उखाड़े जा चुके हैं। झंवर थाने में 25 मई व दो जुलाई को अज्ञात के खिलाफ अलग-अलग एफआइआर दर्ज की गई है, लेकिन आरोपियों का पता नहीं लग पाया है। इनका पता लगाकर कानूनी कार्रवाई की मांग।

● पौधे व ट्री-गार्ड उखाड़ने के बाद गत 30 जून को दो पक्षों में बवाल हुआ था। 11 एफआइआर दर्ज हो चुकी है। इन सभी की निष्पक्ष जांच की मांग। पुलिस की एसआइटी गठित है।

● पुलिस ने राजकार्य में बाधा डालने, हाइवे जाम करने व तोड़-फोड़ के मामले दर्ज किए हैं। हाइवे जाम न करने का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग।

● बवाल के बाद पुलिस ने 43 वाहन जब्त किए हैं। जिन्हें तुरंत छोड़ने की मांग।


पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूले, रास्ते में रोका

अरना झरना में पुलिस ने ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन सैकड़ों ग्रामीण बड़ी संख्या में वाहन लेकर रात को कलक्टर कार्यालय की ओर निकल गए। पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस, आरएसी व एसटीएफ को प्रतापनगर टैम्पो स्टैण्ड पर तैनात कर दिया गया। ग्रामीणों के वाहन पहुंचे तो बैरियर लगाकर उन्हें वहीं रोक लिया गया। जिससे एकबारगी तनावपूर्ण हालात हो गए। ग्रामीण वहीं धरना देकर बैठ गए। कलक्टर कार्यालय के बाहर भी जाब्ता तैनात किया गया।


महापंचायत में पुलिस अधिकारी न पहुंचे तो कूच

बवाल के बाद पुलिस में दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच, निर्दोष को न फंसाने और जब्त वाहनों को छोड़ने के लिए रविवार को अरना-झरना में एक पक्ष की महापंचायत हुई थी।

वार्ता के लिए अधिकारियों को बुलाया गया था, लेकिन रात तक एसीपी व थानाधिकारी पहुंचे, लेकिन तब तक ग्रामीण आक्रोशित हो गए और कलक्टर कार्यालय की तरफ कूच करने का निर्णय लेकर रवाना हो गए। विधायक पुखराज गर्ग तथा केरू प्रधान अनुश्री पूनिया के नेतृत्व में ग्रामीण कलक्टेट की निकले।


ग्रामीणों की प्रमुख मांग गोचर से पौधे व ट्री गार्ड उखाड़ने वालों का पता लगाकर कार्रवाई करने की है। भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग व डीसीपी गौरव यादव ने प्रतापनगर थाने में वार्ता की। दस दिन में पौधे उखाड़ने वालों का पता लगाने का भरोसा दिलाया गया। अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच व दस्तावेज पेश करने पर जब्त वाहन छोड़ने का भी आश्वासन दिया गया। तब सभी सहमत हुए।


सभी एफआइआर की निष्पक्ष जांच व पौधे उखाड़ने वालों का पता लगाकर कड़ी कार्रवाई और जब्त वाहन छोड़ने की मांग को लेकर बैठक हुई थी। फिर सभी ग्रामीण कलक्टर कार्यालय रवाना हुए। उन्हें बीच में रोककर वार्ता की गई। निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया। दस्तावेज पेश करने पर जब्त वाहन छोड़े जाएंगे। सभी सहमत हुए हैं।

– गौरव यादव,पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोधपुर


निष्पक्ष जांच का आश्वासन

पौधे उखाड़ने वालों का पता लगाकर कार्रवाई और अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच व जब्त वाहन छोड़ने की मांग को लेकर डीसीपी से वार्ता की गई। हाइवे जाम के संबंध में वीडियो दिखाकर निर्दोषों पर कार्रवाई न करने का आग्रह किया गया। वार्ता में डीसीपी ने खुद की मॉनिटरिंग में एसआइटी से जांच कराने का भरोसा दिलाया है। जब्त वाहन भी छोड़ें जाएंगे।

– पुखराज गर्ग, विधायक भोपालगढ़