
mahatma gandhi survey
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि मेरा जीवन ही मेरा संदेश है, लेकिन उनके जीवन के बारे में हमारे युवाओं को अधिक जानकारी नहीं है।
आधे युवा भी सही जवाब नहीं दे पाए
इस बार 30 जनवरी को बापू के शहीद दिवस से एक दिन पूर्व राजस्थान पत्रिका ने युवाओं से गांधी के जीवन से जुड़े चार प्रश्न पूछे। रविवार को महज 4 घंटे के समय में जिले के 300 युवाओं पर किए गए इस विशेष सर्वे में आधे युवा भी सही जवाब नहीं दे पाए।
सर्वे युवाओं के बीच किया गया
यह सर्वे दसवीं कक्षा से स्नातक, स्नातकोत्तर, रिसर्च स्कॉलर्स, प्रतियोगी और आरएस परीक्षा की तैयारियां कर रहे युवाओं के बीच किया गया। इस सर्वे ने यह सवाल पैदा कर दिया कि क्या देश के युवाओं को महात्मा गांधी के बारे में नहीं जानना चाहिए। कितना कम पढ़ रहे हैं हम :
यह निकला सर्वे का निष्कर्ष
हम यह भूलने लगे हैं कि महात्मा गांधी को आजादी की लड़ाई के दौरान कितने वर्ष जेल में बिताने पड़े थे। हम यह भूलने लगे हैं कि गांधी जी ने कितने आश्रम स्थापित किए थे, उनके कितने बच्चे थे। हम उनके महत्वपूर्ण काम भूलने लगे हैं। अनेक युवाओं को तो यही नहीं पता कि गांधी जी क्या करने के लिए पहली बार विदेश गए थे, तो कुछ ने यह भी कहा कि वे राजनीति करने विदेश गए थे।
कहीं यू-ट्यूब पर तो नहीं डालेंगे ?
कई युवा तो सवाल का जवाब देते हुए शर्म तक महसूस कर रहे थे, उन्हें यह भी चिंता सता रही थी कि कहीं उनसे सवाल जवाब का वीडियो यू-ट्यूब पर वायरल न कर दिया जाए। उन्होंने पहले ही पूछ लिया, कहीं वीडियो तो नहीं बनाया जा रहा है। कई युवाओं को किसी सवाल का जवाब नहीं पता था तो उनमें से कुछ ने मोबाइल में सर्च कर देख कर जवाब देने की कोशिश की। कुछ एेसे युवा भी थे जिन्होंने महात्मा गांधी के बारे में किसी भी सवाल का जवाब देने से इन्कार कर दिया।
Published on:
30 Jan 2017 10:06 am
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