
एनसीबी की गिरफ्त में आरोपी।
जोधपुर.
गुजरात एटीएस की सूचना के बाद एनसीबी ने गत माह गुजरात के गांधीनगर व अमरेली, राजस्थान के भीनमाल, शिवगंज व जोधपुर में ओसियां तहसील के हरलाया गांव में मेफेड्रोन एमडी ड्रग्स बनाने की लैब पकड़ी थी। तीन सौ करोड़ रुपए की ड्रग्स, प्रतिबंधित केमिकल, उपकरण व मशीनें जब्त कर 13 जनों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से अधिकांश आरोपी ड्रग्स पेडलर रहे हैं, जो खुद छोटे-छोटे अथवा बड़े स्तर पर ड्रग्स खरीदकर बेचते थे। इस दौरान ड्रग्स बनाने का फॉर्मूला हाथ लग गया और मारवाड़ के धोरों में ड्रग्स की लैब लगानी शुरू कर दी थी।
अहमदाबाद के थलतेज निवासी मनोहरलाल एनानी मास्टर माइण्ड है। डीआरआइ ने वर्ष 2015 में आबूरोड रीको औद्योगिक क्षेत्र में 270 किलो एमडी ड्रग्स के मामले में उसे पकड़ा था। सात साल में ही उसे जमानत मिल गई थी और वह जेल से बाहर आ गया था।
कुड़ीभगतासनी थाना पुलिस ने गत वर्ष 26 फरवरी को झालामण्ड बाइपास पर कार में सवार चार युवकों से 121 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की थी। इसमें दीपक सोलंकी के पास 47.4 ग्राम ड्रग्स मिलना बताया गया था। अगले ही महीने दीपक की जमानत हो गई थी।
ड्रग्स लैब लगाने में मूलत: तिंवरी हाल गांधीनगर निवासी कुलदीपसिंह पुत्र लालसिंह राजपुरोहित भी मास्टर माइण्ड है। वह ओसियां के हरलाया गांव, गांधीनगर की पीपलज व अमरेली की लैब चला रहा था। कुड़ीभगतासनी थाना पुलिस ने एमडी ड्रग्स के साथ जो कार जब्त की थी, वह कुलदीपसिंह की थी।
27 अप्रेल को एनसीबी ने ओसियां तहसील में हरलाया गांव निवासी जगदीश बिश्नोई के फार्म हाउस पर दबिश देकर एमडी ड्रग्स बनाने की लैब जब्त की थी। जगदीश फरार हो गया था। मेडिकल स्टोर पर कार्यरत रामप्रताप को पकड़ा गया था। जगदीश उत्तर प्रदेश के लखनऊ में छुपा था। इसका पता लगने पर बुधवार को तलाश के बाद दबिश दी गई, लेकिन जगदीश पकड़ा नहीं जा सका और फरार हो गया।
'एमडी ड्रग्स की लैब लगाने के मामले में गिरफ्तार कई व्यक्ति खुद ड्रग्स पेडलर थे, जो ड्रग्स बेचते थे। फिर इन्होंने लैब लगा ली। फरार जगदीश की तलाश की जा रही है।'
घनश्याम सोनी, क्षेत्रीय निदेशक (एनसीबी) जोधपुर।
Published on:
17 May 2024 12:59 am

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