
Migratory bird kurjan
प्रेम व सद्भावना का संदेश लिए सात समन्दर पार कर यहां आने वाले मेहमान पक्षी कुरजां का यह शीतकालीन प्रवास नई संभावनाओं व अनुसंधान के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहा है।
दरअसल, इस शीतकालीन प्रवास में कुरजां के साथ आए नए मेहमान पक्षियों का खीचन में ठहराव होना यहां बर्ड टूरिज्म की संभावनाओं को आधार प्रदान करता है, तो वहीं दूसरी ओर रिंगिंग कॉलर लगी कुरजां मिलना इन पक्षियों पर अनुसंधान की संभावनाओं को दर्शा रहा है।
लिहाजा इस शीतकालीन प्रवास के बाद कुरजां के कलरव के बिना वीरान हुए खीचन गांव को लौटते हुए परिन्दों ने भविष्य की कई उम्मीदें बंधा दी है।
नए मेहमान पक्षियों ने दिए संकेत
खीचन में प्रतिवर्ष शीतकालीन प्रवास पर आने वाले कुरजां पक्षियों के साथ अब तीन नए मेहमान पक्षी नजर आ चुके हैं तथा दो नए पक्षी इस शीतकालीन प्रवास में ही दिखे हैं।
गत वर्ष कुरजां के साथ जुवेनाइल सारस दिखा था, तो इस शीतकालीन प्रवास में बार हीडेड गीज व कॉमन कूट 'वॉटर हैन' ने भी खीचन में अपने पंहुचने का संकेत दे दिया। एैसे में खीचन में नए पक्षियों का पंहुचना यहां बर्ड टूरिज्म के सुनहरे भविष्य की तरफ इशारा माना जा रहा है।
रिंगिंग कॉलर से अनुसंधान
पक्षियों के प्रवसन मार्ग व समय का अनुसंधान करने के लिए पक्षी विशेषज्ञ रिंगिंग कॉलर का प्रयोग करते हैं। इस बार यहां एक कुरजां के पैर में रिंगिंग कॉलर मिली थी। जो मंगोलिया में एक पक्षी विशेषज्ञ द्वारा लगाई गई थी।
गौरतलब है कि पिछले 3-4 साल में इस तरह की रिंगिंग कॉलर लगे तीन कुरजां पक्षी यहां मिल चुके है। जो यहां पक्षियों पर अनुसंधान की संभावनाएं दिखाए रहे हैं।
एक्सपर्ट व्यू
पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि खीचन में कुरजां पक्षियों के साथ नजर आए पक्षी सामान्य है। लेकिन यहां नई प्रजातियों के पक्षियों का पहुंचना खास बात है। निकट भविष्य में यहां बर्ड टूरिज्म के सपने को साकार कर सकती है। साथ ही बड़ी तादाद आने वाले कुरजां पक्षियों के कई पहलुओं पर अनुसंधान की काफी संभावनाए हैं।
Published on:
26 Mar 2017 01:10 am
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