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जोधपुर जिले की गांव-ढाणियों में बंद पड़े मोबाइल मेडिकल कैंप

- एमएमयू वाहन भी पड़े ठप्प

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जोधपुर जिले की गांव-ढाणियों में बंद पड़े मोबाइल मेडिकल कैंप

जोधपुर जिले की गांव-ढाणियों में बंद पड़े मोबाइल मेडिकल कैंप

जोधपुर. दूरदराज ग्रामीण क्षेत्र व ढाणियों में पहुंच नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाने वाली मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा पिछले तीन माह से जोधपुर में ठप्प पड़ी है। एक सेवा प्रदात्ता कंपनी के साथ करार टूटने के बाद इसकी जिम्मेदारी जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को दी गई थी, साथ ही उनको राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी के मार्फत चलाने को कहा था, लेकिन इसका संचालन कहीं नहीं हो रहा है। इसकी वजह मैन पॉवर व वित्तिय संसाधनों की कमी बताई जा रही है।

हर माह होते थे पहले 20 कैंप
जोधपुर जिले में अभी कई एेसी ढाणियां हैं जहां चिकित्सा सुविधा नहीं है। एेसे में मोबाइल मेडिकल यूनिट एेसी जगहों पर पहुंच चिकित्सा शिविर लगाती थी। ये शिविर प्रतिमाह २० होते थे, लेकिन इन दिनों ये शिविर नहीं हो रहे है। जबकि राज्य सरकार से संबंधित एनजीओ ठेका फर्म को एक लाख से सवा लाख रुपए का भुगतान होता था। ये अनुबंध गत अक्टूबर माह में समाप्त हुआ था।

शर्त अनुरूप राशि देने में सक्षम नहीं आरएमआरसी
जानकारी अनुसार टैंडर का अनुबंध समाप्त होने के बाद संचालन की जिम्मेदारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को दी गई थी, इसमें शर्तानुसार चिकित्सक को ३० हजार रुपए के भुगतान के निर्देश थे। जबकि सीएचसी में चिकित्सकों की कमी और दूसरे चिकित्सक तैयार नहीं होने के कारण राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी स्तर पर कार्य नहीं हो पाया। अब मंडोर, भोपालगढ़, बिलाड़ा, बालेसर, लूणी, फलोदी, शेरगढ़ सहित ९ जगहों पर यूनिट का कार्य बंद पड़ा है।

इनका कहना है
आरएमआरएस के पास हैंड ओवर व टेकन ओवर की प्रक्रिया हो गई है। राज्य सरकार स्तर पर टैंडर कार्य प्रक्रियाधीन है, आगे जैसे दिशा-निर्देश मिलेंगे, वैसे कार्रवाई करेंगे।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ