
Monsoon 2024 : मानसून काल के समय सामान्यत: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनता है और समुद्र का पानी आकर जमीन पर बरसता है। पिछले सप्ताह झारखण्ड-बिहार के बॉर्डर पर कम दबाव का क्षेत्र (लॉ प्रेशर एरिया) बना था, जो तेज होकर वेल मार्क लॉ प्रेशर एरिया में बदला। फिर डिप्रेशन बना और डीप डिप्रेशन तक पहुंच गया।
आगे यह मौसमी सिस्टम साइक्लोन में बदलने वाला था, लेकिन जमीन पर होने की वजह से उतनी शक्ति नहीं मिल सकी। यही डीप डिप्रेशन मानसून की ट्रफ लाइन के सहारे झारखण्ड से मध्यप्रदेश होते हुए पूर्वी राजस्थान तक आ गया। यहां पश्चिमी हवा सामने होने से थोड़ा कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया, जो जैसलमेर तक चला। इससे पश्चिमी राजस्थान में जमकर बारिश हुई।
झारखण्ड-बिहार बॉर्डर पर ऊपरी और निचले वायुमण्डल की हवाओं में अंतर होने से सर्कुलेशन पैदा हो गया। हवा चक्र के रूप में घूमने लगी। इसके बाद लॉ प्रेशर एरिया वर्टिकल वायुमण्डल में ऊपर तक बढ़ा जो 6 से 7 किलोमीटर तक पहुंच गया। मानसून के समय पूरे देश में नमी मौजूद रहती है, इसलिए यहां भी सिस्टम को नमी मिल गई और यह सिस्टम डीप डिप्रेशन में बदल गया। यहां हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा थी। मानसून की ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से लेकर झारखण्ड, मध्यप्रदेश होते हुए जैसलमेर तक थी। यह डीप डिप्रेशन इस ट्रफ लाइन के सहारे जैसलमेर तक पहुंचा।
सामान्यत: जमीन पर लॉ प्रेशर एरिया ताकतवर होकर डीप डिप्रेशन तक ही पहुंच पाता है। समुद्र के भीतर होने पर यह लगातार ताकतवर होता रहता है। जमीन पर आने से किसी भी सिस्टम की ताकत कम पड़ जाती है।
सिस्टम- हवा की गति
1 लॉ प्रेशर एरिया- 10 से 15 किमी प्रति घंटा
2 वेल मार्क लॉ प्रेशर एरिया- 20 से 25 किमी प्रति घंटा
3 डिप्रेशन- 32 से 51 किमी प्रति घंटा
4 डीप डिप्रेशन- 52 से 61 किमी प्रति घंटा
5 साइक्लोनिक स्टॉर्म- 62 से 87 किमी प्रति घंटा
6 सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म- 88 से 117 किमी प्रति घंटा
7 वेरी सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म- 118 से 165 किमी प्रति घंटा
8 एक्सट्रीमली सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म- 166 से 221 किमी प्रति घंटा
9 सुपर साइक्लोनिक स्टॉर्म- 222 किमी प्रति घंटा से ऊपर
Updated on:
09 Aug 2024 07:42 am
Published on:
09 Aug 2024 07:42 am
