किसानों के टेक्टर आदि यहां पर पानी में समा चुके हैं। कई पशुधन को बाहर नहीं निकाल पाने से वो मौत के मुंह में जा चुके हैं। प्रशासन की ओर से इन परिवारों को अभी मदद का इंतजार हैं। वहीं पानी के निस्तारण नहीं होने से रास्ते अवरूद्ध हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना हैं कि यहां पर निकटवर्ती भाखरी व चांदसमा, गोविन्दपुरा आदि गांवों से पानी नदी नालों के रूप में बहकर आगे रेतीला टीला होने से जमा हो रहा हैं। कुछ इसी तरीके के हालात भीवसागर के राजस्व गांव रूपनगर व बुड़किया के बांकासर गांवों में बनी हुई हैं। हजारों हैक्टेयर भू- भूभाग जलमग्न हैं। फसले पानी मे डूब गई हैं। पानी की निकासी नहीं हो रही हैं। घरों को भारी नुकसान पहुंचा हैं। हालातों से निपटने के लिये सरकार व प्रशासन की ओर से उचित कदम उठाने की जरूरत हैं।