
Farmers News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि इस क्षेत्र में समस्याएं हैं और वह किसानों और उनके संघों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। कृषि मंत्रालय के कामकाज और किसानों के कल्याण पर राज्यसभा में चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "कृषि में समस्याएं हैं लेकिन समाधान भी हैं। हम किसानों और किसान संघों से बात करेंगे।"
उन्होंने कहा, "हम बातचीत के जरिए समाधान की ओर बढ़ेंगे। हम सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों…हम कृषि और किसानों के कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।" इस बीच, कांग्रेस ने कहा कि वह विभिन्न मामलों में "सदन को गुमराह करने" के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस देगी।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला और दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि चौहान ने "झूठ बोलकर" सदन को गुमराह किया है। कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से किसानों को इनपुट लागत पर पचास प्रतिशत अतिरिक्त न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने का दावा करते रहे हैं, जबकि 6 फरवरी, 2015 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में भाजपा सरकार ने कहा था कि यह संभव नहीं है। उन्होंने पूछा कि वास्तविक सच्चाई क्या है। सुरजेवाला ने इस दावे को भी चुनौती दी कि किसानों को विभिन्न फसलों पर एमएसपी से अधिक मूल्य मिल रहा है। इससे पहले दिन में केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्यसभा में विपक्षी नेताओं पर "किसानों को प्राथमिकता नहीं देने" का आरोप लगाया।
चौहान ने कहा, "हम किसान सम्मान निधि पर चर्चा कर रहे थे। कांग्रेस ने किसानों को सीधी मदद की बात की, लेकिन कांग्रेस ने कभी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजना नहीं बनाई। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह योजना बनाई। वे (विपक्ष) नहीं समझेंगे, लेकिन छोटे किसानों के लिए 6000 रुपये की राशि मायने रखती है। इस किसान सम्मान निधि के कारण किसान आत्मनिर्भर बने हैं, किसान सशक्त भी हुए हैं और किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। वे (विपक्ष) किसानों का सम्मान नहीं देख सकते।"
Updated on:
06 Aug 2024 10:49 am
Published on:
06 Aug 2024 10:49 am
