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Gujarat ATS: जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल मामला, भरूच तक पहुंची एटीएस की जांच, मदरसे का कनेक्शन आया सामने

Jaish-E-Mohammed: गुजरात एटीएस ने आतंकी साजिश के मामले में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भरूच के एक मदरसे से जुड़े दो युवक भी शामिल हैं, जिनसे पूछताछ और जांच जारी है।
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एटीएस की गिरफ्त में आरोपी। फाइल फोटो- पत्रिका

भरूच। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित देशविरोधी षड्यंत्र मामले में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद जांच का दायरा भरूच जिले तक पहुंच गया है। एटीएस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो युवक भरूच स्थित दारुल उलूम माटलीवाला मदरसे से जुड़े हुए हैं।

गिरफ्तार युवकों की पहचान मोहम्मद अयूबभाई सुणसरा उर्फ मोहम्मद खली (20) और मोहम्मद हसन हनीफभाई करड़िया उर्फ हसन हैदरपुरी (20) के रूप में हुई है। एटीएस का कहना है कि दोनों युवक संबंधित मदरसे में अध्ययनरत थे। उनकी भूमिका, संपर्कों और गतिविधियों की विस्तृत जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े झंडे, आतंकवादी संगठन के प्रमुख मसूद अजहर से संबंधित साहित्य, कथित जिहादी पुस्तकें, मुद्रित दस्तावेज तथा विस्फोटक (आइइडी) तैयार करने में उपयोगी सामग्री बरामद की गई है।

भरूच जिले में सतर्कता बढ़ाई

प्रारंभिक जांच में एटीएस का दावा है कि आरोपी कथित रूप से विस्फोटक बनाने के तरीकों का अध्ययन कर रहे थे। इसके अतिरिक्त आरोपियों की ओर से अन्य लोगों को जिहादी विचारधारा की ओर प्रभावित करने और उन्हें जोड़ने के प्रयास किए जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए भरूच जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

नेटवर्क की जांच जारी

स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं और संबंधित स्थानों पर जांच तथा सूचनाओं का सत्यापन कर रही हैं। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और उनके नेटवर्क का विस्तार कितना व्यापक था। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और जांच के दौरान किसी अन्य की संलिप्तता सामने आने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आठ बार किया था ब्लास्ट

इस मामले में एटीएस के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआइजी) सुनील जोशी ने बताया था कि आरोपी वर्ष 2023 से टाइमर आइईडी बम बनाने की कोशिश कर रहे थे। आइडी बम एसेम्बल कर उसे आठ बार ब्लास्ट कर टेस्ट भी कर चुके हैं। इसके लिए आरोपियों ने जरूरी सामग्री को स्थानीय बाजार से खुद की बचत के पैसों से खरीदा था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी केमिकल खरीदे थे। आरोपियों ने 'अकेला मजाहिद कैसे करे' किताब में दी गई जानकारी से बम बनाए। बता दें कि कोर्ट ने सभी आरोपियों को 8 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। इस मामले में पकड़े गए संदिग्‍ध आतंकवादियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इससे पहले ATS ने 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े पांच अन्य लोगों का पता चला था।