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Ahmedabad: पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन गिरफ्तार

-विस्फोट में नौ लोगों की मौत, मार्च में लाइसेंस रद्द होने के बावजूद 10-15 दिनों से चल रही थी फैक्टरी
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अहमदाबाद शहर पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. शहर के रामोल थाना क्षेत्र के मेहमुदपुरा में न्यू गुजरात फायर वर्क्स पटाखा फैक्टरी में शनिवार दोपहर को हुए भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य संचालिका रमीला डोडिया, मेहुल डोडिया और साझेदार सादिक सैयद को गिरफ्तार किया है। विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि अन्य छह घायल हुए हैं। घायलों में आरोपी रमीला डोडिया भी शामिल है।

शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि शनिवार दोपहर 3.30 बजे इस फैक्टरी में विस्फोट होने की सूचना मिलते ही पुलिस, आरएएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को एल.जी. अस्पताल तथा सिविल अस्पताल पहुंचाया। गंभीरता को देखते हुए पूरे परिसर को सील कर एफएसएल से जांच कराई है।

जांच में सामने आया कि फैक्टरी की मुख्य संचालक रमीला डोडिया, उसका पुत्र मेहुल डोडिया है और साझेदार सादिक सैयद है। इन तीनों के खिलाफ रामोल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 287 और 288 (आग एवं विस्फोटक पदार्थ के संदर्भ में लापरवाही बरतने) , 61(2) (आपराधिक षडयंत्र ) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम, 1884 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 15 टीमें गठित की थीं।

मार्च में रद्द कर दिया था लाइसेंस

गहलोत ने बताया कि इस पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस चार अगस्त 2020 को मेहुल डोडिया के नाम पर लिया गया था। यह चार मार्च 2026 तक रिन्यु हुआ। बनासकांठा के डीसा में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट की घटना के बाद इस फैक्टरी का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश एक सितंबर 2025 को की थी। 23 मार्च 2026 को पंचनामा करते हुए लाइसेंस रद्द करने की रिपोर्ट दी और फैक्टरी को बंद करा दिया। शहर में जगन्नाथ रथयात्रा के बंदोबस्त में पुलिस की व्यस्तता के चलते जांच नहीं की जा सकी, ऐसे में आरोपी ने 10-15 दिनों से दोबारा फैक्टरी शुरू कर दी। डोडिया को गणपति महोत्सव के लिए पटाखों का ऑर्डर मिला था। उसे पूरा करने को दाहोद व उसके आसपास के जिलों से मजदूर बुलाए थे।

तय मात्रा से ज्यादा था विस्फोटक

गहलोत ने बताया कि घटनास्थल पर 15 किलो की तय मात्रा से ज्यादा विस्फोटक था। नियमानुसार मजदूरों का इंश्योरेंस होना चाहिए, वह भी नहीं लिया गया था। रमीला डोडिया एक अक्टूबर 2013 से वस्त्राल गाम में पटाखा फैक्टरी चला रही है।30 जुलाई 2014 को उसकी पटाखा फैक्टरी में आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जिसमें इसे गिरफ्तार किया था। उसके बाद इसने 2020 में बेटे मेहुल डोडिया के नाम पर लाइसेंस लेकर फिर से पटाखा फैक्टरी शुरू कर दी।

घटना के समय फैक्टरी में थे आरोपी मां-बेटे

विस्फोट होने के समय मेहुल और रमीला दोनों ही फैक्टरी में मौजूद थे। इस घटना में रमीला जख्मी हुई है। उसके कान के पर्दे में गंभीर चोट आई है। मेहुल भी चोटिल है, वह घटनास्थल से फरार हो गया था। उसे रविवार को साबरमती इलाके से पकड़ लिया। इसके लिए 15 टीमें गठित की थीं।

मृतकों की सूची, 5 एक ही परिवार के

मृतकों में दाहोद जिले की संजेली तहसील के इटादी गांव निवासी रमीलाबेन भरतभाई चारेल, रिंकू भरतभाई चारेल, शिवानी भरतभाई चारेल, रवीना भरतभाई चारेल, विरल भरतभाई चारेल एक ही परिवार के हैं। इसके अलावा दाहोद जिले की सिंगवड़ तहसील के मलेकपुर गांव की ऊषाबेन गोविंदभाई डामोर, कपड़वंज निवासी असरारअली सैयद और आणंद के भालेज निवासी असरुद्दीन काजी की मौत हुई है। एक सविता डामोर नाम की महिला की भी मौत हुई है।