
Ahmedabad firecracker factory। Photo Patrika
Ahmedabad Firecracker Factory Blast : अहमदाबाद शहर के रामोल थाना क्षेत्र की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में जान गंवाने वाले 9 श्रमिकों में पांच दाहोद जिले के एक ही परिवार के हैं। संजेली तहसील के इटादी गांव के एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई।यह पूरा परिवार आजीविका कमाने के लिए अहमदाबाद की पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी करने गया था।
ब्लास्ट इतना भयानक था कि इसमें पत्नी और चार मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरा परिवार बिखर गया है। इतना ही नहीं इस हादसे में परिवार का मुखिया भरतभाई चारेल खुद भी गंभीर रूप से झुलसे हैं और सिविल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
अहमदाबाद से एक साथ पांच शवों के गांव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। गांव में एक ही घर से एक साथ पांच अर्थियां उठने से पूरा गांव सिसक उठा है। इस घटना के चलते गांव के लोगों में अहमदाबाद प्रशासन और फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ भारी आक्रोश है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और पुलिस का बड़ा काफिला भी गांव में मृतकों के घर पहुंचा था। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार के अन्य सदस्यों व रिश्तेदारों को ढांढस बंधाया। इस घटना में आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया।
अहमदाबाद की पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में इटादी गांव निवासी भरतभाई चारेल बुरी तरह से जख्मी हैं। उनकी पत्नी रमीलाबेन चारेल (37), उनकी बेटी रिंकूबेन चारेल (16 वर्ष), जुड़वा बेटियां- रवीनाबेन चारेल (14), शिवानीबेन चारेल (14) और बेटा विरल उर्फ नीरवकुमार चारेल (06) की मौत हो गई। भरत चारेल खुद भी झुलसे हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
उधर, मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य संचालिका रमीला डोडिया, मेहुल डोडिया और साझेदार सादिक सैयद को गिरफ्तार किया है। विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि अन्य छह घायल हुए हैं। घायलों में आरोपी रमीला डोडिया भी शामिल है।
फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले की जांच को विशेष जांच दल गठित किया गया है। शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने सेक्टर-2 के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह राठौड़ के सुपरिवजन में यह एसआइटी गठित की है। इसमें जोन-8 के उपायुक्त मयूर पाटिल, एस डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त वाई.ए.गोहिल और रामोल थाने के पीआइ वी डी मोरी को सदस्य बनाया है। एसआइटी को मामले की जांच रिपोर्ट 10 दिनों में देने का निर्देश दिया है।
Updated on:
20 Jul 2026 10:29 am
Published on:
20 Jul 2026 10:29 am
