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NIT Srinagar: छात्रों से लिखवाया, अपनी रिस्क पर जा रहे हैं, प्रशासन नहीं सुरक्षा का जिम्मेदार

श्रीनगर एनआईटी में फंसे सभी गैर कश्मीरी छात्रों को कैम्पस से बाहर निकलने और बाहर जाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से फॉर्म भरवाए।

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Nidhi Mishra

Apr 12, 2016

srinagar NIT, rajasthan students in srinagar NIT

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श्रीनगर एनआईटी में फंसे सभी गैर कश्मीरी छात्रों को कैम्पस से बाहर निकलने और बाहर जाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से फॉर्म भरवाए। इस फॉर्म में उनसे लिखवाया गया कि वे अपनी रिस्क पर यहां से जा रहे हैं। कॉलेज कैम्पस में वे सुरक्षा का जिम्मा लेते हैं, लेकिन कॉलेज के बाहर प्रशासन सुरक्षा के लिए जिम्मेदार नहीं है। इस फॉर्म को भरकर ही गैर कश्मीरी छात्रों को वहां से जाने की अनुमति मिली।

ये सभी बातें जोधपुर जिले के बिलाड़ा कस्बे के एनआईटी श्रीनगर में पढ़ रहे दो छात्रों ने पत्रिका से शेयर की। श्रीनगर एनआईटी में लगभग 11 दिनों तक कैद रहने के बाद दोनों छात्र बुधवार को अपने घर पहुंच रहे हैं। पत्रिका ने दोनों छात्रों के पिता से बात की।

सरकार से एनआईटी अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग

कस्बे के पंचायत समिति में कार्यरत मोहनसिंह ने बताया कि उनका पुत्र अभिषेक सीरवी व एक अन्य छात्र कानाराम सीरवी ने मंगलवार सुबह फोन पर बताया कि एनआईटी प्रशासन ने कैम्पस से बाहर जाने की सशर्त अनुमति दे दी है। अनुमति मिलने के बाद कई गैर कश्मीरी एनआईटी छात्र बाहर आए हैं।

इनमें से काफी संख्या में छात्र जम्मू में प्रदर्शन कर दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली में वे सरकार से अपनी परेशानी व पुलिस द्वारा दी गई यातनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ एनआईटी को श्रीनगर से बाहर अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग रखेंगे।

बिलाड़ा के ये दो छात्र श्रीनगर एनआईटी कैम्पस से कल पहुंचेंगे घर

सशर्त दी अनुमति

छात्र अभिषेक ने बताया कि सोमवार सुबह छात्रों की ओर से प्रदर्शन करने की कोशिश करने के बाद एनआईटी प्रशासन से बात हुई तो प्रशासन ने एक फॉर्म भरवाने के बाद ही छात्रों को सशर्त कैम्पस से बाहर निकलने की अनुमति दी। प्रशासन का कहना था कि बाहर हमारी किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं होगी, जबकि कैम्पस के अंदर प्रत्येक छात्र को पूरी सुरक्षा में रखा जाएगा।

उसने बताया कि छात्रों के बाहर जाने के निर्णय के बाद उन्हें पुलिस पहरे में बाहर निकाला, बाहर आने के बाद सैकड़ों छात्र अपने और सरकारी वाहनों से जम्मू के लिए रवाना हो गए। अभिषेक ने बताया कि अपने माता-पिता की भारी परेशानी को देखते हुए वे अपने गांव बिलाड़ा लौट रहे हैं।