
Jodhpur Murder News: युवक की हत्या करने वाले हत्यारों का दूसरे दिन भी सुराग तक नहीं लग पाया। हत्यारों के संबंध में कुछ चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि गत जनवरी में खेड़ी गांव में अनिल लेगा की हत्या का बदला लेने के लिए भाई जीतू लेगा ने हत्या की साजिश रची थी। इस बारे में किसी को पता तक नहीं लग पाया था। साजिश में बालोतरा के एक युवक को शामिल किया था और इन दोनों ने सुपारी देकर हत्या करवाई थी।
पुलिस के अनुसार प्रकरण में अब तक की जांच में मूलत: खेड़ी गांव हाल महादेव नगर निवासी जितेन्द्र उर्फ जीतू लेगा प्रमुख तौर पर सामने आया है। दो माह पहले मूलत: खेड़ी हाल सांगरिया फांटा निवासी मृतक सुभाष सोऊ की अनिल लेगा हत्याकाण्ड में जमानत हुई थी। तब भाई की हत्या का बदला लेने के लिए जितेन्द्र ने हत्या की साजिश रची थी। इसमें बालोतरा जिले के कुड़ी गांव निवासी अनिल को शामिल किया गया था। चूंकि मृतक सुभाष ने एमडी ड्रग्स बेचनी शुरू कर दी थी। इसलिए अनिल ने एमडी ड्रग्स खरीदने के बहाने पांच-सात दिन पहले ही सोशल मीडिया के मार्फत सुभाष से सम्पर्क किया था। इस संबंध में मैसेज के मार्फत दोनों में काफी चैट भी हुई थी।
सुभाष ने अनजान व्यक्ति होने से एकबारगी अनिल से एमडी ड्रग्स के संबंध में अनभिज्ञता जता दी थी, लेकिन अनिल उसे मैसेज करता रहा। आखिरकार सुभाष उसे ड्रग्स बेचने को राजी हो गया था। तब जितेंद्र व अनिल ने सुपारी किलर की व्यवस्था की थी। फिलहाल पुलिस ने हत्याकाण्ड में जितेन्द्र लेगा व कुड़ी गांव निवासी अनिल की पहचान की है। शूटर का पता नहीं लग पाया है। पुलिस आरोपियों के परिजन से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने महादेव नगर में जितेन्द्र लेगा के मकान में दबिश दी, लेकिन वहां ताला लगा मिला। आस-पास के लोगों से बातचीत में पता लगा कि घरवाले दोपहर तक यहीं थे। उसके बाद से नजर नहीं आए हैं। जितेन्द्र भी सोमवार रात बनाड़ व आस-पास के क्षेत्र में ही था। संभवत: हत्याकाण्ड से कुछ देर पहले सभी गायब हुए हैं।
अनिल व शूटर सांगरिया फांटा में मुख्य रोड पर बाइक खड़ी कर पैदल-पैदल गली में गए थे, जहां अनिल बाइक लेकर खड़ा था। शूटर बीड़ी पीते हुए सुभाष तक पहुंचा था। लम्बा कश लेकर उसने बीड़ी वहीं फेंक दी और पिस्तौल निकालकर सुभाष पर छह गोलियां चलाई। वह मौके पर ही ढेर हो गया था।
हत्या के बाद आरोपी मुख्य रोड पर खड़ी बाइक लेकर भाग निकले थे। क्षेत्रवासियों ने इनका पीछा किया तो दोनों ने बाइक छोड़ दी थी और सांगरिया बाइपास से होकर भाग गए थे। यह बाइक दो माह पहले नागौर के मेड़ता से चोरी होने का पता लगा है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण में मूलत: खेड़ी गांव हाल सांगरिया फांटा निवासी मृतक के चाचा चैनाराम बिश्नोई ने जितेन्द्र उर्फ जीतू लेगा, उसके पिता पप्पाराम व दो अन्य के खिलाफ हत्या की एफआइआर दर्ज कराई। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजन को सौंपा, जिसे अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाया गया।
Updated on:
10 Oct 2024, 8:21 AM IST
Published on:
10 Oct 2024, 8:21 AM IST
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