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rajasthan high court : लूनी नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लूनी नदी के किनारे से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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rajasthan high court : लूनी नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश

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जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लूनी नदी के किनारे से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता सुमेर लाल ने एक जनहित याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि कई व्यक्तियों ने लूनी नदी के किनारे और भूमि पर अवैध रूप से निर्माण किया हैं, जिसकी पहचान करने के बावजूद प्रशासन ने इन्हें गिराने या हटाने की कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। न्यायाधीश विजय बिश्नोई तथा न्यायाधीश योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने पाया कि कुछ लोगों ने कथित अवैध अतिक्रमण को लेकर अपने दावों के समर्थन में प्रार्थना पत्र पेश किए थे। हाईकोर्ट के लिए आवेदकों की यथास्थिति की तथ्यात्मक जांच करना संभव नहीं था, जिनके आवेदन विचाराधीन थे। इसमें मौखिक साक्ष्य की रिकॉर्डिंग और विभिन्न अभिलेखों का अवलोकन जैसा न्यायिक कार्य अंतर्निहित होने के चलते कोर्ट ने आवेदकों को 30 दिनों के भीतर बालोतरा के एसडीएम से संपर्क करने की स्वतंत्रता दी थी। साथ ही यह निर्देश भी दिए थे कि एसडीएम तीन महीने की अवधि के भीतर उन आवेदनों पर फैसला करें।

41 में से 22 आवेदन खारिज

पीठ ने पाया कि बालोतरा के एसडीएम को 41 आवेदन मिले थे, जिनमें से 19 को स्वीकार किया गया और 22 को खारिज कर दिया गया। जिनके आवेदन खारिज हो गए थे, उन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन पेश कर दावा किया कि इस फैसले से भूमि पर उनके अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। खंडपीठ ने कहा कि जिनके आवेदन एसडीएम, बालोतरा ने खारिज कर दिए गए थे, वे कानून के तहत उपलब्ध उचित उपाय का लाभ उठाकर उसे चुनौती दे सकते हैं।