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मारवाड़ के तस्कर पुलिसकर्मियों की सांठ-गांठ से निकालते अफीम व डोडा पोस्त से भरे वाहन, प्रत्येक चक्कर के कांस्टेबल लेते थे 5 से 7 हजार रुपए

- मादक पदार्थ से भरे वाहन निकालने के बदले कांस्टेबल लेते थे 5 से 7 हजार रुपए- मारवाड़ के तस्कर व भीलवाड़ा पुलिस के सिपाहियों में थी सांठ-गांठ- प्रत्येक चक्कर के लिए लग्जरी कार के 5 हजार व एसयूवी के 7 हजार रुपए तय थी रेट

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मारवाड़ के तस्कर पुलिसकर्मियों की सांठ-गांठ से निकालते अफीम व डोडा पोस्त से भरे वाहन, प्रत्येक चक्कर के कांस्टेबल लेते थे 5 से 7 हजार रुपए

मारवाड़ के तस्कर पुलिसकर्मियों की सांठ-गांठ से निकालते अफीम व डोडा पोस्त से भरे वाहन, प्रत्येक चक्कर के कांस्टेबल लेते थे 5 से 7 हजार रुपए

जोधपुर. भीलवाड़ा में दो कांस्टेबल की हत्या के पीछे जोधपुर व बाड़मेर के तस्करों की दो गैंग शामिल थी। एक गैंग बिलाड़ा थाना क्षेत्र में मतवालों की ढाणी निवासी सुनील डूडी और दूसरी गैंग बाड़मेर जिले में कल्याणपुर थानान्तर्गत डोली गांव निवासी राजेश उर्फ राजू उर्फ फौजी की थी। मादक पदार्थ तस्करी के लिए सुनील डूडी की भीलवाड़ा जिले में कुछ पुलिसकर्मियों से सांठ-गांठ थी। जो अफीम या डोडा पोस्त से भरे वाहनों को सुरक्षित भीलवाड़ा से बाहर निकालने के बदले रुपए लेते थे। मामले की जांच कर रही भीलवाड़ा पुलिस की जांच में यह सामने आ चुका है।

हर गाड़ी की तय थी कीमत
पुलिस जो चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है उसमें स्पष्ट है कि सुनील डूडी भीलवाड़ा में पुलिसकर्मियों को प्रत्येक वाहन व चक्कर के मुताबिक रुपए देता था। अफीम या डोडा पोस्त से भरी लग्जरी कार के पांच हजार और एसयूवी के लिए 7 हजार रुपए दिए जाते थे। सांठ-गांठ में शामिल पुलिसकर्मी तस्करों को सुरक्षित रास्ता बताकर निकालते थे।

कांस्टेबल ने तस्करों को होटल में कराया था नाश्ता
चार्जशीट के मुताबिक गत 10 अप्रेल को सुनील डूडी दो वाहनों में अपनी गैंग के साथ ब्यावर, विजयनगर, शाहपुरा होकर बिगोद पहुंचा था। फिर उसने व्हॉट्सऐप कॉल कर भीलवाड़ा के एक कांस्टेबल से सम्पर्क किया था। जो कुछ ही देर में कार लेकर सुनील से मिलने पहुंचा था। उसी ने हाइवे के पास होटल में तस्करों को चाय-नाश्ता कराया था। यहां से सुनील डूडी व गैंग रायती गांव जाते हैं, जहां तिलकराज धाकड़ से मिले थे। वे मध्यप्रदेश के हाथीपुरा गए थे, जहां से डोडा पोस्त भरकर जोधपुर के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद कोटड़ी में पुलिस के रोकने पर फायरिंग कर दो कांस्टेबल की हत्या कर दी थी। इस मामले में पांच पुलिसकर्मी गिरफ्तार हो चुके हैं।

कोसाणा का रामनिवास अभी तक फरार
सुनील डूडी की लग्जरी कार में सुनील डूडी, नेताराम व रामनिवास सवार थे। उसकी एसयूवी में प्रकाश कावां व रामदेव थे। वहीं, राजू फौजी की लग्जरी कार में पाबू गोरछिया, यशवंतसिंह उर्फ बंटी और एसयूवी में फौजी व रमेश भाणिया थे। सभी के पास लोडेउ एक-एक और दो-दो हथियार थे। सुनील डूडी सभी को एस्कॉर्ट कर रहा था। जोधपुर में पीपाड़ शहर क्षेत्र के कोसाणा गांव निवासी रामनिवास बिश्नोई अभी तक फरार है। उस पर पचास हजार रुपए का इनाम है।