
सुनील की सैनिक सम्मान से अंत्येष्टि
जोधपुर. आर्मी की सप्लाई कोर में तैनात जवान सुनील मेघवाल की रविवार को उनके पैतृक गांव सालवा कलां में सैनिक सम्मान से अंत्येष्टि कर दी गई। सुनील को उनके छोटे भाई राकेश और पिता मंगलाराम ने मुखाग्नि दी। इससे पूर्व दिल्ली से लाई गई सुनील की पार्थिव देह पर लिपटे तिरंगे को सेना ने उसके दादा बिरदाराम को सौंपा। तिरंगा हाथ में लेते ही उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। सुनील का अंतिम संस्कार गांव के शहीद स्मारक पर किया गया। वहां गांव के दो शहीद निम्बाराम डूडी और पाबूराम थोरी के स्मारक बने हुए हैं।
डेढ़ साल पहले आर्मी में भर्ती सुनील (19) पश्चिम बंगाल में सिलिगुड़ी से बीस किलोमीटर दूर बिना कुड़ी मिलिट्री स्टेशन पर आर्मी की सप्लाई कोर में तैनात था। तीन दिन पहले 25 अक्टूबर को सुबह 9.40 बजे सुनील के गोली लग गई थी। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां अगले दिन उसने दम तोड़ दिया। सुनील के पिता मंगलाराम दो अन्य रिश्तेदारों के साथ सुनील की पार्थिव देह को कोलकाता से हवाई मार्ग के जरिए दिल्ली और वहां से एम्बुलेंस में लेकर रविवार सुबह 11 बजे जोधपुर पहुंचे।
अंतिम संस्कार में कई गांव के लोग उमड़े
सुनील की पार्थिव देह सालवा कलां पहुंचते ही कई गांवों के लोग उमड़ पड़े। उसके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम यात्रा में शामिल लोग ‘सुनील अमर रहे...’ और ‘वंदे मातरम्...’ के नारे लगाते चल रहे थे। जैसे नारे लगाए। सेना के जवानों ने भी सुनील को अंतिम विदाई दी। सुनील की अंतिम यात्रा में केंद्रीय विधि राज्य मंत्री पीपी चौधरी, ओसियां विधायक भैराराम सियोल, भोपालगढ़ विधायक कमसा मेघवाल, प्रधान व सरपंच के अलावा एसडीएम सुमित्रा पारीक, तहसीलदार और बीडीओ भी शामिल हुए।
सेना को समर्पित है परिवार
सुनील के पिता मंगलाराम आर्मी में हैं असम में तैनात है। उसके पिता बिरदाराम भी आर्मी से नब्बे के दशक में सेवानिवृत्त हुए।
कोर्ट ऑफ इनक्वायरी के आदेश
‘सुनील के गोली लग गई थी। इसकी जांच के लिए कोर्ट ऑफ इनक्वायरी के आदेश दिए गए हैं।
सोम्बित घोष, सेना प्रवक्ता
Updated on:
28 Oct 2018 07:03 pm
Published on:
28 Oct 2018 07:03 pm
