
Drug Smuggling : तस्करों की एक ही गैंग से जुड़े थे कांस्टेबल, इस वजह से हुए अलग
- हार्डकोर को पुलिस गिरफ्त से भगाने पर बर्खास्त होने के बाद भी तस्करी में है लिप्त
जोधपुर . मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और तस्करों की धरपकड़ के लिए जिम्मेदार पुलिस के ही कुछ कारिन्दे 'अपराधीÓ लगे हैं। लोहावट में बोलेरो कैम्पर से 183 किलो डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट का कांस्टेबल एकमात्र सिपाही नहीं है। जोधपुर जिले में कोटा पुलिस में पदस्थापित रहे तीन और कांस्टेबल वांछित हैं। इनमें दो मादक पदार्थ के नामचीन तस्कर हैं और तीसरा वांछित तस्कर पर गोलियां चलाने के मामले में फरार है। सभी कांस्टेबल एक ही गिरोह से जुड़े हुए थे, लेकिन अधिकार क्षेत्र को लेकर उपजे विवाद के बाद से अलग हैं।
डोडा पोस्त तस्करी में साझेदार थे चारों कांस्टेबल
कोटा शहर की ट्रैफिक पुलिस में कांस्टेबल ढढ्ढू निवासी प्रभुराम विश्नोई, सुखराम विश्नोई व कोटा आबकारी में कांस्टेबल भवाद निवासी रावलराम विश्नोई एक ही गैंग में थे। हार्डकोर बदमाशों के साथ मादक पदार्थ की तस्करी में आरोपी हैं। दो साल पहले मांगीलाल को भगाने में भूमिका निभाने वाले बीकानेर के चालानी गार्ड पप्पूराम विश्नोई को गिरफ्तार व निलम्बित करने के बाद बर्खास्त किया जा चुका है। वह भी इसी गैंग से जुड़ा है। अधिकार क्षेत्र को लेकर रावलराम विश्नोई का अन्य तस्करों से विवाद हो गया। तब से वह अकेला ही तस्करी में लिप्त है।
हर सप्ताह एक ट्रक डोडा पोस्त की तस्करी
सूत्रों की मानें पुलिस में कांस्टेबलों की मिलीभगत से जोधपुर व आस-पास के जिलों में तस्कर गैंग सक्रिय हैं। इस वजह से ही तस्करों पर लगाम लगाना पुलिस के बूते की बात नहीं रही। तस्करों के साथ पुलिस के कुछ कारिंदे मिलीभगत कर तस्करों को पुलिस की खबर देते रहते है। जिससे तस्करी ओर भी आसान हो जाती हैं। ये पुलिस की मिलीभगत से हर सप्ताह एक ट्रक डोडा पोस्त की खेप मंगवा 60-70 लाख रुपए वारे-न्यारे कर रहे हैं।
Published on:
07 May 2018 01:54 pm
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