- दूसरे दिन एफआइआर दर्ज करने की लापरवाही भारी पड़ी, चारों हमलावर गिरफ्तार
जोधपुर।
आपसी विवाद के चलते बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर पुजारी पर जानलेवा हमला की एफआइआर दर्ज करने में देरी सूरसागर थाना प्रभारी के लिए भारी पड़ गई। थानाधिकारी दिलीपसिंह को सोमवार का लाइन हाजिर कर दिया गया। दूसरी तरफ, पुलिस ने हमले के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) गौरव यादव ने बताया कि मंदिर के पुजारी पर हमले के मामले में एफआइआर दर्ज करने में लापरवाही व देरी की गई थी। इस पर थानाधिकारी दिलीपसिंह को लाइन हाजिर किया गया है। हमले के बाद से फरार पालड़ी नाथान निवासी सुरेश नाथ पुत्र आनंद नाथ, बंशीनाथ पुत्र हेमनाथ, किरणनाथ पुत्र पदमनाथ और भगवाननाथ पुत्र गेननाथ को गिरफ्तार किया गया है। जांच कर रहे एएसआइ सूरताराम आरोपियों से हमले में प्रयुक्त हथियार बरामद करने के प्रयास कर रहे हैं।
मौके पर पहुंचे, एफआइआर दूसरे दिन दर्ज की
पालड़ी नाथान निवासी कैलाशनाथ जलदाय विभाग में सहायक है व पालड़ी खींचियान पम्प हाउस पर पदस्थापित है। गत शनिवार रात साढ़े आठ बजे कैलाशनाथ मंदिर परिसर में खाना खाकर सो गए थे। तब चारों आरोपी वहां आए और लाठी, लगिए, धारिया व केबल से पुजारी पर जानलेवा हमला कर दिया था। भाई व भतीजे के वहां पहुंचने पर हमलावर कैम्पर में भाग गए थे। वारदात का पता लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजन ने घायल को एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने तुरंत मामल दर्ज नहीं की। दूसरे दिन पुलिस अस्पताल पहुंची थी और पर्चा बयान के आधार पर एफआइआर दर्ज की थी।