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ROADWAYS में पदों को पोलियाे, अपंग हो गई व्यवस्थाएं!

- कर्मचारियों का टोटा, रेंग रही रोडवेज, 10 हजार पद रिक्त जोधपुर डिपो में 573 में से 244 पद रिक्त - अब नई सरकार से पद भरे जाने की उम्मीद

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जोधपुर

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Amit Dave

Oct 17, 2023

ROADWAYS में पदों को पोलियाे, अपंग हो गई व्यवस्थाएं!

ROADWAYS में पदों को पोलियाे, अपंग हो गई व्यवस्थाएं!

जोधपुर।

जनता को सस्ती-सुलभ यात्रा कराने वाला राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम कर्मचारियों की कमी से रेंग रही है। रोडवेज के केवल जोधपुर डिपो ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी डिपो में रोडवेज कर्मचारियों का टोटा है। रोडवेज की विभिन्न श्रेणियों के 22 हजार में से करीब 10 हजार से ज्यादा पद खाली पड़े है। पदों के नहीं भरे जाने के कारण रोडवेज की हालत बिगड़ती जा रही है। प्रदेश में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कुल 52 डिपो है। सभी जिलों में कर्मचारियों के 30 से 60 फीसदी तक पद रिक्त पड़े हैं। अब आचार संहिता लग गई है। चुनाव के बाद आने वाली नई सरकार से रोडवेज में रिक्त पड़े पदों को भरे जाने की उम्मीद की जा रही है।

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जोधपुर में 244 पद खाली

जोधपुर डिपो में करीब 45 फीसदी पद खाली है। कुल 573 में से 329 पद ही भरे हुए है, जबकि 244 पद रिक्त है। इनमें बस चालकों के 178 में से 61, परिचालकों के 176 में से 34 खाली है, जबकि बुकिंग क्लर्क के सभी 38 पद रिक्त है। यातायात प्रबंधक, लेखाधिकारी, लेखा निरीक्षक, स्टेनो, अभियंता, आर्टिजन, सुरक्षा प्रहरी व स्वीपर तक के पद खाली पड़े है। ऐसे में, रोडवेज का कार्यालयी, तकनीकी, बस संचालन आदि कार्य प्रभावित हो रहे है।

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अब नई सरकार से बेड़ा पार लगने की उम्मीद

रोडवेज मंत्रालयिक व अधीनस्थ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मवीर सैन व कार्यकारी अध्यक्ष सुनील सांखला ने बताया कि इस संबंध में रोडवेज के प्रबंध निदेशक से लेकर मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री तक को ज्ञापन दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।

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प्रदेश की स्थिति एक नजर

श्रेणी कुल स्वीकृत कार्यरत रिक्त

अधिकारिक वर्ग- 3806- 1364- 2442

निरीक्षक वर्ग- 472- 73- 399

परिचालक वर्ग- 6373- 4798- 1575

चालक वर्ग- 5228- 4873- 355

तकनीकी वर्ग 5114- 1471- 3697

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असर पड़ रहा काम पर

- चालक-परिचालक के पद खाली होने से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।

- नए मार्गों पर बसें नहीं चलने से लोगों को सरकारी यात्रा का लाभ नहीं मिल पाता, वहीं रोडवेज का राजस्व की प्राप्त नहीं होने से घाटा बढ़ रहा है।

- तकनीक वर्ग के पद खाली होने से बसों का रखरखाव सही तरीके से नहीं होता। नतीजा,आए दिन बसें बीच सड़क खराब हो जाती है। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है और रोडवेज की छवि भी खराब हो रही है।

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उपलब्ध मैन पॉवर से जनता को सुविधा देने का प्रयास कर रहे है। कर्मचारियों के स्वीकृत व कार्यरत कर्मचारियों की संख्या मुख्यालय को भिजवाते हैं।

- उम्मेदसिंह, मुख्य प्रबंधक,

रोडवेज जोधपुर डिपो


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