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प्रधानाचार्य ने अपने ही कार्मिक से ली दस हजार रिश्वत, गिरफ्तार

- छठे वेतनमान के बकाया एरियर के भुगतान के बदले दस प्रतिशत के हिसाब से मांगी थी रिश्वत- कार की दराज से रिश्वत राशि जब्त
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प्रधानाचार्य ने अपने ही कार्मिक से ली दस हजार रिश्वत, गिरफ्तार

प्रधानाचार्य ने अपने ही कार्मिक से ली दस हजार रिश्वत, गिरफ्तार

जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सिरोही ने छठे वेतनमान के बकाया एरियर के भुगतान के बदले दस हजार रुपए रिश्वत लेते जालोर की आहोर तहसील में हरजी गांव की सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। आरोपी ने भुगतान के बदले दस प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत मांगी थी।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि जालोर में शांति नगर निवासी दिनेशचन्द्र (59) पुत्र मोडाराम की शिकायत पर आहोर तहसील में हरजी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार कुटल (47) पुत्र देवाराम दमामी को दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उसने विद्यालय परिसर में खड़ी निजी कार में यह रिश्वत लेकर गियर बॉक्स के आगे एक दराज में रख दी थी, जहां से एसीबी ने राशि बरामद की। साथ ही एरियर भुगतान संबंधी कुछ बिल भी बरामद किए गए हैं।
रिश्वत लेकर घर जाने की फिराक में था प्रधानाचार्य
सिराहीे एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायणसिंह ने बताया कि परिवादी दिनेशचन्द्र हरजी गांव की राउमावि में ही सहायक प्रशासनिक अधिकारी है। छठे वेतनमान के स्थिरीकरण के 90 माह का 4.11 लाख रुपए एरियर बकाया है। इसमें से तीन लाख रुपए का भुगतान कर बैंक खाते में जमा कराने की एवज में बतौर आहरण व वितरण अधिकारी प्रधानाचार्य सुरेश कुमार ने दस प्रतिशत के हिसाब से 30 हजार रुपए मांगे थे। इसमें दस हजार रुपए लेते प्रधानाचार्य सुरेश को रंगे हाथों पकड़ा गया। उन्होंने स्कूल की छुट्टी होने पर घर जाने से कुछ देर पहले कार में यह राशि ली और गियर के पास दराज में रखी। वह रिश्वत लेकर सीधे घर जाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले एएसपी नारायणसिंह व टीम ने उसे पकड़ लिया।