21 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

rajasthan highcourt : बाल अधिकार संरक्षण आयोग में अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति क्यों नहीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में पिछले लगभग दो वर्षों से अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति नहीं किए जाने के मामले को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

less than 1 minute read
Google source verification
Rajasthan High Court receives bomb threat panic ensues search underway

जोधपुर हाईकोर्ट । फाइल फोटो पत्रिका

जोधपुर.राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में पिछले लगभग दो वर्षों से अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति नहीं किए जाने के मामले को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायाधीश संदीप शाह की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता जुवेनाइल जस्टिस एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष का पद 19 मार्च, 2024 से रिक्त है, जबकि राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम के तहत किसी भी रिक्ति को 60 दिनों के भीतर भरा जाना अनिवार्य है।

याचिका में कहा गया कि इस दौरान विभाग की ओर से कई बार विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे गए, लेकिन हर बार अंतिम स्तर पर नियुक्तियां रोक दी गईं। लगभग ढ़ाई सौ आवेदन प्राप्त होने के बावजूद बिना किसी कारण के नियुक्तियां नहीं की गईं। इसके बाद हाल ही 22 जनवरी को फिर से एक नई विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे गए, जिसे याचिकाकर्ता ने मनमाना करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस निष्क्रियता के कारण राज्य के कई जिलों में बाल अधिकारों के उल्लंघन की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।