
Rajasthan News: एमडी ड्रग्स के बाद अब गांजे के सेवन ने चौंकाया है। एनसीबी का दावा है कि हुक्का बार में गांजा का सेवन कराया जाता है। नागौर रोड पर आइआइटी, एनएलयू व उच्च श्रेणी की शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थी गांजा का सेवन करते हैं। हालांकि पुलिस की सख्ती से पिछले कुछ समय से अधिकांश हुक्का बार बंद हैं, लेकिन एनसीबी ने तीन-चार माह पहले नशे की सप्लाई चेन पकड़ने के लिए प्रयास शुरू किए। जयपुर से लेकर जोधपुर तक कई जगह तलाशी ली गई। एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक घनश्याम सोनी ने उच्च शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों से बात की तो कुछ विद्यार्थियों के गांजा पीने और नागौर रोड के शिक्षण संस्थान परिसर के आस-पास गांजा सप्लायरों के सक्रिय होने की जानकारी दी। एनसीबी के कर्मचारियों ने चार-पांच दिन तक नागौर रोड पर उच्च शिक्षण संस्थाओं के आस-पास ढाबे व केबिन और होटलों की गोपनीय जांच की। कई विद्यार्थियों की संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। आंध्रप्रदेश व ओडीशा के सीमावर्ती सिलेरू से गांजा सप्लाई होने का पता लगा।
एनसीबी का कहना है कि गांजा की बड़ी खेप आने का पता लगा तो आचार संहिता के दौरान चुनाव आयोग से अनुमति लेकर आरपीएफ की मदद से ओडीशा व आंध्रप्रदेश से आने वाली ट्रेनों की तलाशी ली गई। जयपुर से जोधपुर के बीच आरपीएफ की मदद से छह रेलगाड़ियों की सघन जांच की गई, लेकिन गांजा नहीं मिला।
राज्य में पिछले कुछ सालों से गांजा का सेवन बढऩे लगा है। बड़ी संख्या में युवा गांजा पी रहे हैं और इसके आदी होने लग गए हैं। एनसीबी ने पिछले छह साल में 11 कार्रवाइयां कर 34 सौ किलो गांजा जब्त किया है।
एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक घनश्याम सोनी का कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थाओं के साथ ही जोधपुर को नशा मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तस्करों को पकडऩे के साथ ही एनडीपीएस एक्ट की धारा 66एफ के तहत सम्पत्तियां जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
गत 17 मई को जयपुर में सिंधी कैम्प बस स्टैण्ड पर दो युवकों को गिरफ्तार कर 35 किलो गांजा जब्त किया गया था। एनसीबी ने पूछताछ की तो दोनों ने जोधपुर में भारी मात्रा में गांजा सप्लाई होने की जानकारी दी। एकबारगी एनसीबी को भरोसा तक नहीं हुआ। उन्हें लगा कि आरोपी डोडा पोस्त की जगह गांजा बोल रहे हैं। उन्होंने दो-तीन बार और पूछताछ की तब भी आरोपियों ने आंध्रप्रदेश के सिलेरू से गांजा तस्करी की जानकारी दी।
30 जून 2018 : जयपुर में 173 किलो।
9 अक्टूबर 2018 : दौसा में 525 किलो।
5 नवम्बर 2019 : अलवर 216 किलो।
23 जून 2020 : धौलपुर में 445 किलो।
5 अक्टूबर 2020 : भरतपुर में 423 किलो।
27 जनवरी 2021 : भरतपुर में 220 किलो।
26 मई 2021 : चित्तौडग़ढ़ में 565 किलो।
1 सितम्बर 2021 : चित्तौडग़ढ़ में 347 किलो।
8 जनवरी 2022 : 42 किलो।
10 जनवरी 2022 : चित्तौडग़ढ़ में 280 किलो।
15 फरवरी : डीग में 220 किलो।
Published on:
24 May 2024 11:23 am

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