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केरल की बाढ़ में जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे राजस्थान के युवा, केले के पत्ते खाकर कर रहे हैं गुजारा

केरल में आई बाढ़ से जहां जन जीवन अस्त व्यस्त है। वहीं राजस्थान के कई युवा भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। परिजन को फोन कर लगा रहे हैं मदद की गुहार।

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जोधपुर. केरल में आई बाढ़ में जोधपुर, नागौर, सीकर के 15 लोग फंस गए हैं। दो मंजिला इमरात में फंसे १५ लोगों ने बताया कि राजस्थान के कई लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। प्रशासन व बचाव दल के फोन बंद होने के कारण उनकी मदद के लिए अभी तक कोई नहीं आया। ये लोग अब राजस्थान में परिजनों को फोन कर प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। सीकर के धोद में रहने वाले प्रतापसिंह (२६) पुत्र सवाई सिंह ने बताया कि वह केरल के एरनेकुलम में चटाई बनाने का काम करता है। उसके साथ नागौर, सीकर, जोधपुर के करीब १४ लोग रहते हैं। एक महिने से यहां लगातार बारिश हो रही है लेकिन पिछले तीन दिन से तेज बारिश के कारण चारों और पानी भर गया। उनके दो मंजिला मकान की एक मंजिल पानी में डूबी है। राशन खत्म हो चुका है।

मदद के लिए प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन को फोन लगाया लेकिन उनके फोन बंद आ रहे हैं। बिजली नहीं होने के कारण सभी के मोबाइल भी बंद हैं। केवल एक मोबाइल चल रहा है। इसीसे उन्होंने राजस्थान में रहने वाले परिजन को फोन कर प्रशासन से मदद मांगने के लिए कहा है। इसी पर उनकी आखिरी उम्मीद टिकी है। नागौर, सीकर के राजू सिंह, प्रताप सिंह, रामचंद्र, गोपाल सिंह, ओमाराम, लक्ष्मण, मनीष जाखड, राजू , नंदलाल, मनोज, अजय, चुनीलाल, राजन, सज्जन, विनोद और जोधपुर के निंबा निबंडी में रहने वाले प्रदीप बाढ़ में फंसे हुए हैं।

१५ में से १० युवक पड़े बीमार


केरल के एरनेकुलम में चटाई बनाने का काम करने वाले राजस्थान के १५ युवा बाढ़ में फंस गए। लगातर हो रही बारिश के कारण १५ में से १० युवक बीमार हो गए हैं, बुधवार को राशन खत्म होने के बाद युवकों ने केले के पत्ते खाकर गुजारा कर रहे हैं। तीन मंजिला इमारत की पहली मंजिल में पानी भरने के बाद युवकों ने छत पर जाकर जान बचाई। युवकों की परिजनों से आखिरी बात गुरुवार देर रात को हुई, उस दौरान उन्होंने बताया कि बारिश नहीं थमने के कारण पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है।