
relatives denied to take dead bodies
नई सड़क स्थित होटल में प्रेमिका की हत्या कर प्रेमी के फंदा लगाने के मामले में उदयमंदिर थाना पुलिस शुक्रवार को उस समय पशोपेश में पड़ गई जब दोनों मृतकों के परिजन ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर शव लेने से इनकार कर दिया। दिनभर समझाइश के बाद पुलिस ने महिला का शव भाई को सौंपकर गांव रवाना किया। जबकि मृतक युवक के छोटे भाई के देर शाम जोधपुर पहुंचने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
थानाधिकारी मदनलाल बेनीवाल के अनुसार सुजानगढ़ निवासी महेन्द्र सोनी ने डूंगराज निवासी प्रेमिका अंजू जाट की होटल गैलेक्सी के कमरे में हत्या कर फांसी लगा ली थी। मोबाइल नम्बर के आधार पर दोनों के परिजन को सूचना दी गई थी। मृतका का भाई रात को ही जोधपुर पहुंच गया। जबकि युवक के घर से कोई परिजन शुक्रवार शाम तक नहीं आया।
पुलिस ने महात्मा गांधी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन मृतका के भाई ने शव लेने से एकबारगी इनकार कर दिया। रुपए की तंगी के चलते उसने शव गांव ले जाने में असमर्थता जता दी। तब पुलिस ने शव हिन्दू सेवा मण्डल को सौंपने की लिखित सहमति मांगी। शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया।
उधर, मृतक महेन्द्र सोनी के घरवालों ने भी आर्थिक तंगी के चलते पुलिस को शव लेने में असमर्थता जताई। आखिरकार देर शाम मृतक का छोटा भाई जोधपुर पहुंचा, लेकिन तब तक अंधेरा होने लग गया था। अब शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
Published on:
23 Jul 2016 01:28 pm
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