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मंडोर सैटेलाइट अस्पताल को राहत, सप्ताह में दो दिन होंगे ऑपरेशन

एक-एक दिन सोनोग्राफी व ईएनटी चिकित्सक देंगे सेवाएं  

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मंडोर सैटेलाइट अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर प्रिंसिपल डॉ. मालवीय ने ली अपने चैम्बर में मीटिंग

जोधपुर. मंडोर अस्पताल में लंबे समय से सर्जिकल ऑपरेशन और सिजेरियन डिलीवरी नहीं हो रही थी। आखिरकार शिवराम नत्थूजी टाक सैटेलाइट मंडोर अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद प्रिंसिपल डॉ. अजय मालवीय ने शुक्रवार को इसका वैकल्पिक इंतमाम कर दिया। इसके लिए उन्होंने अस्पताल प्रभारी को अपने चैम्बर में बुला कर साप्ताहिक व्यवस्था कर के डॉक्टरों को नियुक्त कर दिया।

अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार को प्रिंसिपल डॉ. मालवीय रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिक की कमी बताते हुए ऑपरेशन नहीं होने की बात कही। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि अस्पताल में न तो ईएनटी के डॉक्टर हैं और न ही ऑर्थोपैडिक के चिकित्सक ही हैं। इस पर प्राचार्य ने रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थिएटिक की समस्या का तुरंत प्रभाव से हल निकाल दिया। प्राचार्य डॉ. मालवीय ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि एक सप्ताह में दो दिन ऑपरेशन होंगे। इसके लिए वे वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सप्ताह में दो दिन मंगलवार-शुक्रवार को पावटा जिला अस्पताल से एनेस्थेटिक सेवाएं देंगे। इसके अलावा रेडियोलॉजिस्ट को भी वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सोनोग्राफी के लिए सोमवार को आना है, ताकि प्रसूताओं की सोनोग्राफी हो सके। इसके लिए उन्होंने बाकायदा प्रपोजल भी तैयार कर के अस्पताल मंगवाए। अस्पताल में मंगलवार को ईएनटी चिकित्सक भी सेवाएं देंगे।

जिरियाट्रिक वार्ड में आधुनिक बैड देखे, आश्चर्यचकित हुए

निरीक्षण करते एनसीडी की विंग में पहुंचे प्राचार्य जिरयाट्रिक वार्ड में पहुंचे, जहां लगे अत्याधुनिक बैड देख कर आश्चर्यचकित हो गए। तब उन्होंने प्रभारी डॉ.टेवानी से कहा कि यह वार्ड खाली क्यों है? इस पर मौजूद स्टाफ ने कहा कि यहां अभी मरीजों का आना कम हो रहा है, इसलिए ऐसा है। प्राचार्य ने प्रभारी से जिरियाट्रिक वार्ड में मरीजों का इनडोर रजिस्टर अपने ऑफिस भेजने के लिए कह दिया। साथ ही वार्ड में दूसरे मरीजों को भी भर्ती करने के निर्देश दिए, लेकिन प्राथमिकता बुजुर्ग व्यक्तियों को देने की बात कही। इसके बाद एनसीडी विंग में बने सीसीयू में भी पहुंचे। वहां स्टाफ से वेन्टिलेटर के बारे में जानकारी ली। इस मीटिंग में पावटा जिला अस्पताल पीएमओ डॉ. अशोकसिंह राठौड़ व मंडोर सैटेलाइट अस्पताल प्रभारी डॉ. राजेश टेवानी भी मौजूद थे।

एंबुलेंस चालक की मांग करते ही मांग ली लॉन्ग बुक

मौजूद कर्मचारियों ने एंबुलेंस चालक लगाने की मांग की, लेकिन प्राचार्य ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। प्राचार्य ने कहा कि इस अस्पताल में कितने मरीजों को एंबुलेंस की जरूरत पड़ती है? तब प्रभारी डॉ.टेवानी बोले कि एक या दो। बाकी मरीजों को हम 108 से भी भेज देते हैं। तब प्राचार्य बोले कि नियमों की बात करो, तो आपको यहां पर लग्जरी सुविधाएं चाहिए क्या? जो सुविधाएं मिली हैं उसी का इस्तेमाल करो। मेरे ऑफिस में इन एंबुलेंसों की लॉन्ग बुक भेजो। मैं देखता हूं कितनी एंबुलेंस का इस्तेमाल हुआ। इस पर मौजूद कर्मचारी चुप्पी साध गए।

शिकायती बोर्ड उल्टा लटका देख बिफरे प्राचार्य
निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस की जरूरत व ओपीडी का जायजा लेकर ऑपरेशन थिएटर का जायजा लेने जैसे ही बरामदे में पहुंचे, एकाएक उनकी नजर शिकायती बोर्ड पर पड़ गई, जो कूलर पर दीवार के सहारे लगी हुई थी। शिकायती बोर्ड इस हालत में लटकते देख प्राचार्य बिफर उठे और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे कम से कम इसकी तो इज्जत करें। यह शिकायती बोर्ड लोगों के लिए महत्वूपर्ण है। जैसे दूसरे बोर्ड लगा रखे हैं, वैसे ही यह भी लगाएं, ताकि आने वाले लोगों को यह पता चल सके कि शिकायत कब, किसे और कहां करनी है? यह बाद में सही लगवाया गया।

व्यवस्था सुधारने की मांग
जोधपुर शहर जिला युवक कांग्रेस के जिला सचिव लक्ष्मणसिंह सोलंकी ने निरीक्षण करने आए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से अस्पताल में व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की। उन्होंने कहा कि सामान्य व सिजेरियन डिलीवरी 24 घंटे रहनी चाहिए। अस्पताल परिसर में पूछताछ कक्ष व टेलीफोनिक सुविधा, ब्लड स्टोरेज के साथ ईएनटी व ऑर्थोपैडिक चिकित्सकों सहित कई पद रिक्त पड़े हैं। इससे मरीजों को यह सुविधाएं नहीं मिल पाती है। अस्पताल प्रशासन ने एक्सटेंशन सुविधा शुरू करवाने से सम्बन्धित जानकारी दी।


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