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दर्दनाक हादसा : छुट्टी बिताने ननिहाल आया था इकलौता बेटा प्रवीण, रणवीर की पत्नी गर्भवती, शव देखकर हुई बेसुध

Road Accident : सालावास रोड पर सोमवार सुबह डम्पर के नीचे आकर काल का ग्रास बने तीनों युवाओं के घर कोहराम मच गया।
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Road Accident : सालावास रोड पर सोमवार सुबह डम्पर के नीचे आकर काल का ग्रास बने तीनों युवाओं के घर कोहराम मच गया। सालावास निवासी सद्दीक (17) पुत्र जगदीश, रणवीर उर्फ राणाराम (22) पुत्र लूणाराम मिरासी और दूदाबेरा बालेसर निवासी प्रवीण (18) पुत्र राजूराम तीनों आपस में रिश्तेदार थे। प्रवीण छुट्टियों में दूदाबेरा से अपने ननिहाल जोधपुर आया था। वह घर में इकलौता बेटा था और अपने गांव दूदाबेरा में मजदूरी करता था। सोमवार सुबह अपने ममेरे भाई राणाराम के साथ हिंगलाज माता मंदिर के दर्शन के लिए जाने लगा तो साथ में सद्दीक भी हो लिया। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर निकले थे। घर से कुछ दूर ही निकले थे कि तीनों के ऊपर से डम्पर निकल गया। प्रवीण के गांव में हादसे की सूचना पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। एमडीएम अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद प्रवीण का शव एम्बुलेंस से उसके गांव रवाना किया गया। शव गांव पहुंचने पर प्रवीण के घर में उसके माता-पिता की हालत खराब हो गई। उसे गांव में दफनाया गया।

रणवीर अपने पिता के साथ मजदूरी करता था। उसकी पत्नी रहीषा गर्भवती थी। उसके दो बेटे एक चार साल का आर्यन और दूसरा दो साल का युवराज है। पति का शव देखकर रहीषा बेसुध हो गई। घर की अन्य महिलाओं ने उसे संभाला। आर्यन और युवराज के सिर से पिता का साया उठते देख ग्रामीणों की आंखें भर आई। घर में दिनभर क्रन्दन होता रहा।

अब 12वीं के रिजल्ट से कोई वास्ता नहीं
सद्दीक ने 12वीं की परीक्षा दी थी। उसके एक छोटा भाई हरीश (15) भी है। वह 12वीं के परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा कर रहा था। पिता जगदीश को भी आशा थी कि उनका बेटा पढ़कर कुछ मुकाम हासिल करेगा। अब सद्दीक नहीं रहा तो उनका 12वीं के रिजल्ट से भी कोई वास्ता नहीं रह गया। रणवीर और सद्दीक को दोपहर बाद दफना दिया गया।

गांव में बास्योड़ा भी किसी ने नहीं खाया
सालावास में शीतला सप्तमी के दिन बास्योड़ा खाते हैं, लेकिन सुबह-सुबह ही गांव में दर्दनाक हादसा देखकर ग्रामीणों की आंखें भर आई। बास्योड़ा भी किसी ने नहीं खाया। सालावास से तीनों शवो को पोस्टमार्टम के लिए एमडीएम अस्पताल लाया गया तो वहां सालावास के ग्रामीणों का गुस्सा फूटा पड़ा। ग्रामीणों ने अवैध बजरी के डंपरों को बंद करवाने की मांग की और गरीब परिवाजनों को राहत दिलाने को कहा। अस्पताल में केबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल के प्रतिनिधि अधिवक्ता अशोक पटेल और सालावास सरपंच ओमाराम पटेल ने समझाइश कर उन्हें शांत किया।

नदी से बजरी निकाल कर धड़ल्ले से दौड़ते हैं अवैध डम्पर
जोजरी व लूणी नदी से धड़ल्ले से अवैध बजरी खनन किया जाता है। इसके बाद बाड़मेर रूट पर बजरी सप्लाई सालावास होकर इसी रूट से जाती है। जहां हादसा हुआ, उसके आस-पास भी बजरी के अवैध स्टॉक पाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मृतक भैराराम के पिता की रिपोर्ट पर डम्पर मालिक लूणी निवासी सागर पुत्र देवाराम और भाकरासनी निवासी रमेश पुत्र भंवरलाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने फिलहाल दोनों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। तीन युवकों को चपेट में लेने के बाद चालक डम्पर को मौके से भगा ले गया था। पुलिस ने लूणी क्षेत्र से डम्पर को बरामद कर मालिक व चालक को पकड़ा है।

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