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मेजर शैतानसिंह के शौर्य को सलाम

-बलिदान दिवस पर परमवीर चक्र विजेता को श्रद्धासुमन अर्पित

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मेजर शैतानसिंह के शौर्य को सलाम

मेजर शैतानसिंह के शौर्य को सलाम

जोधपुर. भारत-चीन के मध्य 1962 में हुए युद्ध में अदम्य शौर्य व सर्वोच्च वीरता का प्रदर्शन करते हुए प्राणोत्सर्ग करने वाले परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह का बलिदान दिवस गुरूवार सुबह पावटा स्थित परमवीर सर्कल पर श्रद्धा के साथ मनाया गया। नागरिक प्रशासन और सेना के सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों ने परमवीर मेजर शैतानसिंह की प्रतिमा के समक्ष पुष्पचक्र अर्पित कर उनके शौर्य को सलाम किया। मैकेनाइज इंफेन्ट्री की टुकड़ी ने पाइप बैंड दस्ते ने मातमी व सलामी धुनों के बीच शस्त्र उल्टे कर शोक, मौन सलामी और अन्तिम सलामी दी।

सेना की कोणार्क कोर की ओर से ब्रिगेडियर एमएस यरनल, प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी (द्वितीय) सत्यवीर यादव, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल दिलीप सिंह खंगारोत और परमवीर के परिजन वीर आदित्य सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

चौपासनी विद्यालय के केसरिया साफ ा पहनकर आए 51 छात्रों ने शिक्षक अर्जुनसिंह राठौड के नेतृत्व में विद्यालय के पूर्व छात्र मेजर शैतान सिंह की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित किए। समारोह में मेजर जनरल शेरसिंह, ब्रिगेडियर शक्ति सिंह, मेजर शैतानसिंह के भाई कमाण्डेट पृथ्वीसिंह भाटी, मारवाड राजपूत सभा अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा, महेन्द्र सिंह भाटी, कर्नल लक्ष्मणसिंह, कर्नल देवपालसिंह, कर्नल बजरंगसिंह, कर्नल एसडी गोस्वामी, कर्नल उदयसिंह, कर्नल धनसिंह भाटी, मेजर रामसिंह, लेफ्टिनेट कर्नल गोपालसिंह भाटी, अमरसिंह भाटी, कर्नल रतनदीप, सूबेदार मेजर रतनसिंह, टीकूराम, कोजाराम, सूबेदार रामसिंह, ऑनरेरी केप्टन छतरसिंह सहित कई गौरव सैनानी शामिल हुए।

मेजर के परिजनों का सम्मान

जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी और 75वीं आजादी वर्षगांठ समिति की ओर से पावटा सर्किल पर मेजर को पुष्पांजलि दी गई। जिला संयोजक ओमकार वर्मा, संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा, हनुमानसिंह खांगटा, प्रो. डीएस खींची, नरेश जोशी सहित अन्य ने मेजर शैतानसिंह के छोटे भाई व दोहित्र को शॉल, गांधी टोपी, सूत की माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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