
Sarpanch and Patwari underground, who forced Lalita to commit suicide
हरियाढ़ाणा में अपने खेत की मेड़ व पेड़ बचाने के लिए युवती ललिता के आत्मदाह के मामले में नामजद आरोपी सरपंच रणबीर सिंह चंपावत व पटवारी ओमप्रकाश घटना के दिन 25 मार्च से ही फरार है।
पुलिस ने जांच में माना कि सरपंच व पटवारी की पक्षपातपूर्ण तथा षडयंत्रपूर्वक कार्रवाई के दबाव में ललिता ने आत्मदाह किया था। पुलिस ने इस मामले में सरपंच व पटवारी समेत दस लोगों के खिलाफ भादंसं की धारा 147, 149, 447, 427, 306, 120बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शनिवार को इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
जांच अधिकारी किशनलाल विश्रोई एसएचओ पीपाड़, बोरुन्दा थानाधिकारी सुरेश चौधरी, बिलाड़ा एसआई सुनिल ताडा, पीपाड़ एसआई राजेन्द्र खदाव, एएसआई जालाराम भाकर, एएसआई हनुमानाराम के नेतृत्व में पुलिस टीमें सम्भावित स्थानों पर सरपंच व पटवारी सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दिन-रात दबिश दे रही है। अभी तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
इधर, जानकार सूत्रों ने बताया कि सरपंच रणबीर सिंह चंपावत रक्तचाप व ह्दयरोग से पीडि़त है और घटना के बाद से अज्ञात स्थान पर अपना इलाज करवा रहा है।
बिलाड़ा तहसीलदार गोपाल परिहार ने बताया कि घटना के दिन ही पटवारी ओमप्रकाश व राजस्व निरीक्षक मोटरसाइकिल से फिसल गए थे, जिसके चलते पटवारी के पैर में चोट आई। उसने छुट््टी ले रखी वह कहॉं है इसकी जानकारी नहीं लेकिन संभवत वह कहीं इलाज करवा रहा है।
गिरफ्तारी के प्रयास जारी
हरियाढ़ाणा प्रकरण के आरोपी सरपंच व पटवारी सहित अन्य सभी आरोपियों की तलाश के लिए छह टीमों का गठन कर हर सम्भावित स्थानों पर दबिशें दी जा रही है। पुलिस इन आरोपियों गिरफ्तार करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
-सेठाराम बंजारा, पुलिस वृत्ताधिकारी बिलाड़ा।
Published on:
04 Apr 2017 01:14 am
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