
National Youth Day Special- देश-विदेश में पारम्परिक घूमर नृत्य को दिला रही पहचान
जयकुमार भाटी/जोधपुर. घूमर नृत्य का जो रूप टीवी सीरियल्स और बॉलीवुड में देखने को मिलता है, वो हमारे पारम्परिक घूमर से बहुत अलग होता हैं। घूमर के ट्रेडिशनल स्टेप को प्रमोट करने की आवश्यकता है। ऐसे में जोधपुर की सीमा राठौड़ मिरगानैणी पश्चिमी राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य को ट्रेडिशनल स्टेप में प्रमोट करने में जुटी हुई हैं। इंडिया स्टार आइॅकन अवार्ड विजेता व रीदम डांस एकेडमी की सीईओ सीमा ने बताया कि घूमर खुशियों के मौकों पर, विवाह समारोह, होली के त्योहार पर किया जाता है, लेकिन सभी के गीत अलग होते हैं।
घूमर नृत्य की परम्परा को बचाए रखने के लिए रीदम डांस एकेडमी की शुरूआत कर देश-विदेश तक इसे पहचाने दिलाने का प्रयास किया जा रहा हैं।
छोटी उम्र में बड़ा काम...
25 वर्षीय सीमा ने दस साल पहले घूमर को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जोडऩा शुरू किया। जिसका नतीजा यह निकला कि देश ही नही विदेशों से भी महिलाएं व युवतियां घूमर नृत्य सीखने लगी। सीमा अब तक यूएस, फ्रांस, दुबई सहित यूरोप के कई शहरों के लोगों को ऑनलाइन घूमर नृत्य की बारीकियां सीखा चुकी हैं।
सीमा ने बताया कि ऑनलाइन वर्कशॉप में देश-विदेश की महिलाएं व लड़कियां घूमर डांस को लेकर उत्साहित नजर आती हैं। सीमा 3 साल से लेकर 50 वर्ष तक की हजारों महिलाओं व बच्चियों को पारम्परिक घूमर नृत्य सीखाने के साथ पारम्परिक पहनावे व गहने की जानकारी भी दे चुकी हैं। अब तक सैंकड़ों अवार्ड जीत चुकी सीमा ने बताया कि घूमर एक विरासत है जिसे हमारी युवा पीढ़ी को बचाना होगा।
Published on:
12 Jan 2022 01:39 pm
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