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इशारों-इशारों में होते हैं जिस्म के सौदे

एक बार फिर शहर की बदनाम गलियां आबाद हैं। दिनभर यहां पर मनचलों की चहल-पहल रहती है। दरवाजे पर खड़ी युवतियां इशारों-इशारों में ही अपने जिस्म का सौदा कर रही हैं। घासमण्डी के नाम से चर्चित शहर के इलाके में इन दिनों देह व्यापार चरम पर है।

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Sex workers are active again in Ghasmandi area of

Sex workers are active again in Ghasmandi area of Jodhpur

एक बार फिर शहर की बदनाम गलियां आबाद हैं। दिनभर यहां पर मनचलों की चहल-पहल रहती है। दरवाजे पर खड़ी युवतियां इशारों-इशारों में ही अपने जिस्म का सौदा कर रही हैं। घासमण्डी के नाम से चर्चित शहर के इलाके में इन दिनों देह व्यापार चरम पर है। ना कोई रोकने वाला और ना ही कार्रवाई करने वाला। यह बात शहर की पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी जानते हैं, लेकिन रोकने की पहल कोई नहीं कर रहा। नासमझ नौजवान पीढ़ी के कदम इन्हीं तंग गलियों में फिसल रहे हैं और देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है। युवाओं के साथ विद्यार्थी भी जिस्मफरोशी के जाल में फंसते जा रहे हैं।

शुरू हो जाती है टीका-टिप्पणी

सुबह से शाम तक यदि कोई संभ्रांत व्यक्ति घासमण्डी में दिख जाए, तो उसके बारे में ना जाने कितनी प्रकार की टीका-टिप्पणी शुरू हो जाती है। ग्राहकों को देखकर 500 से 2000 रुपए तक फीस वसूलने वाली इन युवतियों को पुलिस का कोई डर नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को हर हफ्ते एक बंधी रकम मिल जाती है। वसूली के आगे सारे कानून-कायदे बौने साबित हो रहे हैं।

पुलिस को हम देख लेंगी

घासमण्डी में दिनभर युवा, कॉलेज के छात्र व अन्य लोग आते हैं। यहां पर गलियों में देह व्यापार में लिप्त युवतियां उन्हें इशारे करती हैं। राहे चलते-चलते बातचीत में ही मोलभाव तय हो जाते हैं। एक्सपोज रिपोर्टर घासमण्डी क्षेत्र में स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए गया तो सबसे पहले इस क्षेत्र में रहने वाली युवतियों से बात की। उन्होंने जिस्मफरोशी के लिए 500 से 2000 रुपए तक मांगे। साथ ही पांच हजार में रात में बाहर चलने के लिए भी तैयार हैं। रिपोर्टर ने जब पुलिस के बारे में अपना डर जताया, तो बोली पुलिस से मत डरो। वो हम देखी लेंगी। आप अन्दर आ जाओ, डरने की जरूरत नहीं है।

लूट की गैंग भी सक्रिय

घास मण्डी में शाम के समय और भरी दोपहरी में भी लूट की घटनाएं हो रही हैं। यहां पर अनैतिक कार्यं के लिए आने वाले युवाओं की जेब हल्की हो रही है। कुछ लोग हैं, जो इन गलियों में गलत काम करने के लिए आने वालों को डरा-धमका कर रुपए और अन्य सामान लूट लेते हैं। बदनामी के डर से पीडि़त लोग पुलिस के पास भी नहीं जाते।

कोई मजबूरी में तो कोई मौज के लिए

16 वर्ष से लेकर 45 वर्ष तक की महिलाएं जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल हैं। कुछ महिलाओं की विवशता है। वहीं कुछ युवतियां ऐसी भी हैं, जो केवल अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये इस धंधे में आ चुकी है। एक युवती केवल इसलिए इस धंधे में आ गई क्योंकि उसकी सहेली खुले हाथों से धन खर्च किया करती थी। अपनी सहेली की तरह शानो-शौकत से जीने के लिए उसने भी जिस्मफरोशी का धंधा अपना लिया।

पुलिस का संरक्षण प्राप्त!

इस संबंध में चर्चा करने पर अधिकतर लोग यही कहते हैं कि शहर में जितने सेक्स रैकेट चल रहे हैं, लगभग सभी को पुलिस का संरक्षण प्राप्त होता है। इसके एवज में पुलिस को महीने के हिसाब से पैसा दिया जाता है। जब कभी ऊपर से दबाव पड़ता है, तब पुलिस छोटे स्तर पर जिस्मफरोशी का धंध करने वालों को पकड़ कर वाहवाही लूट लेती है। बड़े स्तर पर चलने वाले हाई प्रोफाइल जिस्म के धंधेबाजों को पुलिस छूती तक नहीं है। हालांकि शहर में चल रहे जिस्मफरोशी के संबंध में पुलिस का कहना है कि यह सब कोरी बकवास है। नगर में आज तक वेश्यावृत्ति का एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर पुलिस के सामने ऐसे मामले आते हैं, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई करेंगे

घासमण्डी में अगर अनैतिक गतिविधियों चल रही है, तो जल्दी ही टीम बनाकर कार्रवाई करेंगे।

विक्रम सिंह, एसीपी, सेंट्रल,

पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर