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शीन काफ निजाम के एकल काव्य-पाठ में उमड़े सुधि श्रोता

जोधपुर. साहित्यिक संस्था कैफियत ( Kaifiyat ) की ओर से चंद्रा इम्पीरियल में आयोजित एकल काव्य पाठ में मशहूर शाइर ( famous poet ) शीन काफ निजाम ( Sheen Kaaf Nizam ) ने सुधि श्रोताओं की फरमाइश पर एक से बढ़ कर एक गजलें ( Ghazals ) तरन्नुम और तहत में पेश कर सुधि श्रोताओं को अभिभूत कर दिया। शीन काफ निजाम के इस यादगार एकल काव्य-पाठ ( solo poetry recitation ) में सुधि श्रोता उमड़ पडे़।    

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जोधपुर

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MI Zahir

Aug 26, 2019

Sheen Kaaf Nizam's solo poetry recitation in jodhpur

Sheen Kaaf Nizam's solo poetry recitation in jodhpur

जोधपुर. बिछडे़ हुओं की याद कहीं आसपास है, बारिश की पहली शाम का मंजर उदास है...,, मांझी को तो मौजों पर नाहक हैरानी है, मछली से भी पूछ के देखो कितना पानी है... गजलों के खूबसूरत शेर तरन्नुम में पेश कर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शाइर ( famous poet ) शीन काफ निजाम ( Sheen Kaaf Nizam ) ने सुधि श्रोताओं से बहुत देर तक दाद पाई। वे कैफियत संस्था ( Kaifiyat ) की सालगिरह पर चंद्रा इम्पीरियल में आयोजित अपने एकल काव्य पाठ कार्यक्रम ( solo poetry recitation ) के दौरान कलाम ( Urdu Shayari ) पेश कर रहे थे। शहर के लाडले शाइर निजाम ने .....याद आई परदेस में उसकी इक-इक बात, घर का दिन ही दिन मियां घर की रात ही रात,ये कैसा इनआम है ये कैसी सौगात, दिन देखे जुग हो गए जबाजागूं तब रात...दोहे पेश कर प्रशंसक श्रोताआें को भावविभोर कर दिया। निजाम ने खचाखच भरे सभागार में श्रोताओं की फरमाइश पर गजलें, गीत, दोहे और रूबाइयां सुना कर बेशुमार दाद पाई। उन्होंने अपने कलाम का आगाज नज्मों से किया। कार्यक्रम में खासी तादाद में मौजूद शहर के गणमान्य श्रोताओं ने कार्यक्रम के शुरू और आखिर में तालियों और स्टैंडिंग ओवेशन से निजाम का अभिनंदन किया। शुरू में साहित्य अकादमी की ओर निजाम पर बनी डॉक्युमेंट्री दिखाई गई।इस मौके शहर के सर्वभाषा साहित्यकार, रंगकर्मी, शिक्षाविद, विद्यार्थी और आम प्रशंसक मौजूद थे। आखिर में संस्था के हिमांशु शर्मा ने शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम का संचालन इश्राकुल इस्लाम माहिर ने किया।