
सड़क पर लगाए गए बैरिकेड्स (फोटो-पत्रिका)
जोधपुर। शहर में बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रोड बनाने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू की गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआइए) की ओर से कार्य करने वाली कम्पनी के कर्मचारियों व श्रमिकों ने आखलिया सर्कल से चौपासनी रोड पर मिट्टी, पानी व मजबूती परखने के लिए सैम्पलिंग शुरू की। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर फाउण्डेशन की डिजाइन बनाई जाएगी। यह काम पूरा होने पर 15 जून के बाद एलिवेटेड रोड बनाने का कार्य शुरू होगा।
महामंदिर से आखलिया सर्कल तक एलिवेटेड रोड बनाई जानी प्रस्तावित है। जीटीपी इंफ्रा व आइएससी नामक कम्पनी ने एलिवेटेड रोड बनाने के लिए 669 करोड़ रुपए में कार्य लिया है। एलिवेटेड रोड के लिए जहां-जहां फाउण्डेशन पोल लगाए जाएंगे वहां की जमीन की स्ट्रैंथ यानि मजबूती जानने का काम शुरू किया गया है।
इसके तहत चौपासनी रोड पर बैरिकेड्स लगाकर गड्ढा खोदा गया। ताकि वहां से मिट्टी, पानी व जमीन की मजबूती का पता लगाने के लिए अन्य सैम्पल लिए जा सकें। यह कार्य आगामी चार-पांच दिन महामंदिर सर्कल तक चलेगा।
कार्य लेने वाली कम्पनी ने मिट्टी, पानी व अन्य के सैम्पल लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उससे जमीन की मजबूती का पता लगेगा। उस आधार पर ही एलिवेटेड रोड की फाउण्डेशन की डिजाइन बनाई जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि 15 जून तक एलिवेटेड रोड का कार्य शुरू हो पाएगा।
एलओआई की प्रक्रिया पूरी होने और मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद जीटीपी इंफ्रा द्वारा इस परियोजना पर कार्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 13 साल में एलिवेटेड रोड की लंबाई 9.06 किलोमीटर से घटकर 7.633 किलोमीटर रह गई है।
पहले हाइब्रिड मॉडल के तहत इसकी अनुमानित लागत करीब 1700 करोड़ रुपए थी, जो टेंडर प्रक्रिया तक आते-आते 938.59 करोड़ रुपए रह गई। इसके बाद इसकी प्रोजेक्ट कॉस्ट 840 करोड़ हुई, लेकिन सोमवार को खुली फाइनेंशियल बिड में इसकी न्यूनतम दर 669 करोड़ रुपए आई, जिसके आधार पर अब निर्माण कार्य किया जाएगा। हालांकि, सड़क बनने के बाद लोगों का आवागमन सुगम हो जाएगा।
Updated on:
03 Apr 2026 07:57 pm
Published on:
03 Apr 2026 07:57 pm
