जोधपुर।
सरकारी कर्मचारियों के आरजीएचएस कार्ड से करोड़ों रुपए की दवाइयों के घोटाले के मामले में साइबर थाना पुलिस ने समाज कल्याण विभाग के राजकीय अम्बेडकर छात्रावास के एक कर्मचारी और सरकारी कर्मचारियों के दो पुत्रों को गिरफ्तार किया। दो फार्मासिस्ट सहित चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। (RGHS Scam)
सहायक पुलिस आयुक्त व साइबर थानाधिकारी जयराम मुण्डेल ने बताया कि प्रकरण में बालोतरा जिले के समदड़ी में गोरखा चौक राहुल 23 पुत्र विजय कुमार परिहार, समदड़ी थानान्तर्गत करमावास निवासी महेन्द्र कुमार 59 पुत्र लच्छाराम मेघवाल और नरेन्द्र कुमार 27 पुत्र चैनाराम मेघवाल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी महेन्द्र कुमार सिवाना में समाज कल्याण विभाग के अम्बेडकर छात्रावास में कर्मचारी हैं। वहीं, राहुल व नरेन्द्र के पिता सरकारी कर्मचारी हैं। महेन्द्र को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। वहीं, राहुल का रिमाण्ड लिया गया है। नरेन्द्र को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि महेन्द्र ने अपने कार्ड और अन्य दोनों ने अपने-अपने पिता के आरजीएचएस कार्ड का दुरुपयोग कर फार्मासिस्ट के मार्फत दवाइयों के फर्जी बिल बनवाए थे।बदले में तीनों को कमीशन दिया गया था। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दो फार्मासिस्ट सहित सात आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
आरजीएचएस के संयुक्त निदेशक ने जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने के बाद बासनी थाने में धोखाधड़ी व गबन का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने जालोरी गेट के भीतर झंवर मेडिकल एजेंसीज के संचालक जुगल झंवर को गिरफ्तार किया था। गत 18 नवम्बर को करमावास गांव निवासी नरेश मेघवाल और लाभार्थी महेन्द्र कुमार मेघवाल व कांकरला निवासी बगदाराम प्रजापत को गिरफ्तार किया गया था। पांच चिकित्सकों की भूमिका की जांच के लिए पर्चियां व लिखावट एपुएसएल भेजे गए हैं।