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पटवारी की भूल का फायदा उठा भाइयों के हिस्से की जमीन बेच दी

करीब 42 साल पहले हुए एक जमीन बंटवारे में पटवारी की भूल का फायदा उठाते हुए एक भाई व बहन ने ही अपने दूसरे भाइयों के हिस्से की जमीन बेच ड

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Sold the land of the brothers to take advantage of Patwari's mistake

पटवारी की भूल का फायदा उठा भाइयों के हिस्से की जमीन बेच दी

देणोक (जोधपुर). करीब 42 साल पहले हुए एक जमीन बंटवारे में पटवारी की भूल का फायदा उठाते हुए एक भाई व बहन ने ही अपने दूसरे भाइयों के हिस्से की जमीन बेच डाली। पीडि़त पक्ष ने पुलिस में रिपार्ट दी, लेकिन वर्तमान में जमीन पर काबिज लोगों को पाबंद कर पुलिस ने इतिश्री कर ली। अतिरिक्त जिला कलक्टर फलोदी को ज्ञापन सौंपा व कोर्ट में इस्तगासा भी लगाया। इसके बावजू कोई नतीजा नहीं निकला।

बरसिगों का बास ग्राम पंचायत में एक किसान ने 1976 में अपनी पुश्तैनी भूमि का अपने पांच बेटों में बराबर भागों में बंटवारा कर दिया। लेकिन पटवारी ने बंटवारा करने के बाद भी जमाबन्दी में उक्त व्यक्ति के नाम से 34 बीघा 18 बिस्वा भूमि शेष लिखकर छोड़ दिया, जबकि मौके पर जमीन शेष थी ही नहीं।

पटवारी की इसी भूल का फायदा उठाते हुए एक बेटी व भाई ने मिलकर उस जमीन को फर्जी तरीके से आगे लाखों रुपए में बेच दिया। पीडि़त ने 12 जुलाई, 2017 को कोर्ट में इस्तगासा लगाया लेकिन फलोदी में लम्बे समय से एडीएम का पद रिक्त होने के कारण अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

ज्ञापन दिया, रिपोर्ट दर्ज करवाई

रूपसिंह पुत्र भैरूसिंह मांगलिया ने पहले थाना में रिपोर्ट दी लेकिन कुछ नहीं होता देख अतिरिक्त जिला कलक्टर फलोदी को ज्ञापन सौंपा व कोर्ट में इस्तगासा भी लगाया।

पीडि़त ने बताया कि उसके पिता भैरूङ्क्षसह ने अपने पांचों बेटों को बराबर भूमि का बंटवारा कर दिया था, लेकिन उसकी बहन सिखम कंवर व भाई गजेसिंह ने मेरे व मेरे दूसरे भाई कानसिंह के हिस्से की खसरा संख्या 635 में 34.18 व 44 बीघा भूमि जो पहले से दर्ज थी, उसे बेच डाला।

पटवारी ने 42 साल पहले गलती से मेरे पिता के नाम जो जमीन 34.18 बीघा शेष बताई उसे भी इसी खसरे में दर्शा दिया था। जबकि इस खसरे में मेरे पिताजी के हिस्से में कुल जमीन 78 बीघा 18 बिस्वा ही आती थी और उसका बंटवारा हो चुका था।

इनका कहना है

कोर्ट में लगे इस्तगासे का जब तक कोई फैसला नहीं आए तब तक हमने सम्बन्धित पार्टी को पाबंद कर दिया है कि वे इस जमीन पर किसी भी प्रकार की बुवाई, बाड़बन्दी, मेड़बन्दी अथवा किसी भी प्रकार का कब्जे करने की नीयत से कुछ नहीं करें।

-दीपसिंह, थानाप्रभारी, मतोड़ा।

देणोक, बरसिगों का बास व इन्दों का बास की फाइलें आेसियां भेज दी गई हैं, इसका निपटारा अब ओसियां में ही होगा।
-अनिल कुमार जैन, उपखण्ड अधिकारी, फलोदी।