दो कांस्टेबल की हत्या मामले में पचास हजार रुपए इनामी मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर ने हार्डकोर की ली सुपारी

- राजनीतिक दल से जुड़े पदाधिकारी ने मित्र के कमरे में दिलाई थी राज्य के मोस्ट वांटेड को पनाह
- भीलवाड़ा पुलिस ने जोधपुर में मददगारों को पकड़ा तो पूछताछ में सामने आया हार्डकोर की हत्या की सुपारी का राज

By: Jay Kumar

Updated: 12 Jul 2021, 11:57 AM IST

जोधपुर. लाखों रुपए के लेन-देन की वजह से जिले के हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर के बीच चल रहा खूनी संघर्ष अब हत्या की सुपारी देने तक पहुंच गया है। भीलवाड़ा में गोलियां चलाकर दो कांस्टेबल की हत्या करने के मामले में राज्य का मोस्ट वांटेड व पचास हजार रुपए के इनामी तस्कर ने नांदड़ी में एक मकान में छुपे होने के दौरान जोधपुर जिले के हार्डकोर कैलाश मांजू की हत्या करने के लिए कथित ८० लाख रुपए में सुपारी ली थी। सुपारी देने वाले चार हिस्ट्रीशीटरों ने ४० लाख रुपए एकत्रित भी कर लिए थे, लेकिन पहले राजनीतिक दल का एक कार्यकर्ता और फिर वांटेड तस्कर ने पांव पीछे खींच लिए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गत १० अप्रेल की रात भीलवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर फायरिंग कर डोडा पोस्त तस्करों ने कांस्टेबल ऊंकार रायका व पवन कुमार की हत्या कर दी थी। इस मामले में बाड़मेर जिले में कल्याणपुर थानान्तर्गत डोली निवासी राजेश उर्फ राजू फौजी, जोधपुर जिले में कोसाणा निवासी रामनिवास, भगतासनी निवासी प्रकाश बिश्नोई, जालोर जिले में बागोड़ा थानान्तर्गत भाड़वी निवासी पाबूराम जाट और मूलत: पाली जिले में भाणिया हाल जोधपुर निवासी रमेश बिश्नोई फरार हैं।

सभी पर 50-50 हजार रुपए का इनाम है।
इनमें सरगना राजू फौजी गत दिनों नागौर और फिर नांदड़ी स्थित कमरे में छुपा था। उसे यह कमरा राजनीतिक दल से जुड़े एक कार्यकर्ता ने अपने मित्र के मार्फत दिलाया था। मूलत: जैसलमेर हाल जोधपुर के एक हिस्ट्रीशीटर व कमरा मालिक में मित्रता है। इस हिस्ट्रीशीटर की चौहाबो थाने के तीन अन्य हिस्ट्रीशीटरों से भी गहरी दोस्ती है। उसने इनामी तस्कर राजू से मुलाकात की और अपने दोस्तों के लिए कैलाश मांजू की हत्या करने के लिए अस्सी लाख रुपए की सुपारी दी। राज्य का मोस्ट वांटेड तस्कर हत्या के लिए तैयार भी हो गया।
इस बीच, चौहाबो थाने के चार हिस्ट्रीशीटरों ने वांटेड तस्कर से मुलाकात भी की। सभी ने मिलकर ४० लाख रुपए जमा भी कर लिए और राजनीतिक दल के कार्यकर्ता को वांटेड तस्कर तक पहुंचाने के लिए देने पहुंचे, लेकिन वह घबरा गया। फिर चारों वांटेड को रुपए देने पहुंचे, लेकिन उसने भी हत्या के बाद एक साथ रुपए लेने का कह दिया। मोस्ट वांटेड के नांदड़ी में छुपे होने की सूचना पर भीलवाड़ा पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन वो फिर बच निकला।

पनाह देने वालों को पकड़ा तो सामने आई सुपारी
भीलवाड़ा पुलिस ने मोस्ट वांटेड के मददगारों को पकड़ा और पूछताछ शुरू की। राजू फौजी तो फिलहाल पकड़ में नहीं आ सका, लेकिन पनाह देने वालों से हार्डकोर की हत्या की सुपारी देने की बात सामने आ गई। जिसे सुन पुलिस भी सकते में है। अब पुलिस ने हार्डकोर से रंजिश रखने व सुपारी देने वालों को भी हिरासत में लेकर जांच शुरू की।

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