
धमाकों से फूटा टांका। फोटो- पत्रिका
फलोदी। जिले के केरला गांव में अवैध खनन माफियाओं की मनमानी से ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है। क्षेत्र में दिन-रात किए जा रहे तेज विस्फोटों से ढाणियों में बने पक्के मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जबकि कई पानी के टांके टूट चुके हैं। लगातार धमाकों से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पुरानी नाड़ी डिलाई, भोमियाजी का थान और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा है।
खनन के दौरान किए जा रहे भारी विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक है कि मकानों की नींव तक हिल जाती है। कई घर जर्जर हालत में पहुंच गए हैं और कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि विस्फोटों से घरों के साथ-साथ पानी के टांके भी फूट गए हैं। भीषण गर्मी के बीच टांके टूटने से पेयजल संकट गहरा गया है और लोगों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जान-माल का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लगातार हो रहे विस्फोटों और मशीनों के शोर से क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मवेशियों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है, जबकि वन्यजीव भी डर के कारण क्षेत्र छोड़कर पलायन कर रहे हैं। क्षेत्र में लगातार बढ़ती खुदाई से पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन के कारण सदियों पुरानी चरागाह भूमि खत्म होती जा रही है। अंधाधुंध खुदाई से पहाड़ खोखले हो गए हैं और गांव का पुराना भाखर भी अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। प्राकृतिक संरचना बिगड़ने से क्षेत्र रेगिस्तान में तब्दील होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन की शिकायत कई बार प्रशासन और खनन विभाग से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर दिन-रात विस्फोट कर रहे हैं। रात के समय होने वाले धमाकों से बच्चों और बुजुर्गों की नींद तक प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
Published on:
18 May 2026 06:07 pm
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