जोधपुर।
महामंदिर थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर चोरी की 14 मोटरसाइकिलें बरामद की। इसमें शामिल शातिर युवक तीन माह पहले ही जेल से छूटा था और तीन महीने में 14 मोटरसाइकिलें चोरी कर 5-5 हजार रुपए में बेच दी थी।
पुलिस उपायुक्त पूर्व आलोक श्रीवास्तव ने बतया कि दुपहिया वाहन चोरियों की लगातार वारदातों के बाद अभय कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर के कैमरों की मदद से चोरों को पकड़ने के प्रयास शुरू किए गए। इनसे और साइबर सैल के एएसआइ राकेशसिंह के प्रयासों से महत्वपूर्ण सुराग मिले। महामंदिर थाना प्रभारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस ने तलाश कर पाली जिले में सीरियारी थानान्तर्गत नीमली मण्डा गांव निवासी जीताराम पुत्र दुर्गाराम सीरवी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद चोरी के वाहन खरीदने के आरोप में सीरियारी थानान्तर्गत सारण गांव निवासी रणजीतसिंह पुत्र डूंगरसिंह रावत को भी गिरफ्त में लिया गया। इनसे पूछताछ के बाद विभिन्न जगहों से चोरी की 14 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। कार्रवाई में हेड कांस्टेबल सतीशचन्द्र, महावीर सिंह, कांस्टेबल प्रकाश, रतनलाल, सुरेश, गणपतराम, रामनिवास, राजेन्द्र व बंशीलाल की भूमिका रही।
4 महामंदिर, 3 अजमेर व 5 ब्यावर से चुराईं
थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि आरोपी जीताराम शातिर वाहन चोर है। उसके खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं। चोरी के मामले में जेल में रहने के बाद वह नवम्बर में ही जमानत पर बाहर आया था। उसने 29 जनवरी को पावटा सर्कल पर होटल के सामने, 5 फरवरी को पावटा प्रथम पोला, 24 फरवरी को पावटा जिला अस्पताल के अंदर और 1 मार्च को बीजेएस में आरटीओ पुलिया के नीचे से बाइक चोरी की। इसके अलावा सरदारपुरा व भगत की कोठी से एक-एक, अजमेर से 3 व ब्यावर से 5 बाइक चुराई थी।
बस से शहर आता और बाइक चुराकर ले जाता
पूछताछ में सामने आया कि जीताराम गांव से बस में पाली और फिर जोधपुर, अजमेर व ब्यावर जाता था। रैकी करने के बाद बाइक चुरा लेता था। फिर वह नम्बर प्लेट बदलने के बाद मुख्य सड़कों की बजाय छोटे मार्गों से सोजत सिटी व पाली पहुंच जाता था।
हत्या का आरोपी है बाइक खरीदार
आरोपी जीताराम बाइक चोरी करने के बाद रणजीत को बेचता था। वह 5-5 हजार रुपए में जीताराम से चोरी की बाइकें खरीदकर आगे बेचता था। वह सीरियारी थाने में दर्ज हत्या के मामले में आरोपी है। दो साल जेल में रहकर जमानत पर बाहर आया है।