एम आई जाहिर / जोधपुर ( jodhpur news current news ). अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ( International Woman Day ) पर आइए ( World women day ) आपको समाजसेविका ( Social Worker ) व शिक्षाविद अनिता मेहता ( Anita Mehta ) से मिलवाते हैं। दी संस्कृति फाउंडेशन ( Swarnim bharat ) से जुड़ी ( Changemakers )अनिता मेहता समाजसेवा में नवाचार की पक्षधर हैं। वे अरसे से बालिकाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान दे रही हैं। अनिता ग्रामीण बालिकाओं और महिलाआें को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दे कर लाभान्वित करवाती हैं। वे संस्था के लिए सरकार से आर्थिक सहयोग नहीं लेती हैं। उनका कहना है कि महिलाओं को बहुत संघर्ष के बाद समानता का अधिकार मिला है। इसलिए उनकी समानता केवल संवैधानिक नहीं, बल्कि यह सामाजिक स्तर पर भी होना चाहिए ( latest NRI news in Hindi )।
अनिता मेहता का कहना है कि महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त हुआ। यह महिलाओं के लिए गौरव की बात है। क्योंकि महिलाओं में बौद्धिक क्षमता शारीरिक क्षमता आर्थिक क्षमता और पारिवारिक संबलता की क्षमता कूट-कूट कर भरी है। वे पुरुषों के समान अपना शक्ति सामथ्र्य रखती है। महिलाओं को महिला होने का बहुत ही अधिक गौरव प्राप्त है। वैसे तो महिला दिवस 1 दिन का नहीं है, संपूर्ण दिवस का है, परंतु इस दिन वोट देने का अधिकार समानता का लैंगिक भेदभाव समाप्त होने पर महिला के जीवन में कई चुनौतियों के संघर्ष के बाद एक सुखद दिन माना जाता है।