
Jonita Gandhi
आज युवाओं की जुबां पर ऐ दिल है मुश्किल... फिल्म का 'द ब्रेकअप सॉन्ग' चढ़ा हुआ है। इसमें फीमेल वॉयज देने वाली जोनिटा गांधी अपनी यूनिक आवाज के लिए पसंद की जा रही हैं। जोनिटा ने ढिशुम फिल्म का 'सौ तरह के' गीत सहित बहुत से बॉलीवुड व दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी आवाज की जादूगरी बिखेरी है। हिंदी फिल्म जगत में अपने सपनों को पूरा कर रही जोनिटा पहले ही बॉलीवुड ओल्ड क्लासिक्स को रिक्रिएट कर यू ट्यूब पर हिट हो चुकी हैं। 'आओ हुजूर तुमको' और 'लग जा गले' जैसे हिट बॉलीवुड सॉन्ग्स को अपनी आवाज में ढालने पर उन्हें खासा पसंद किया गया।
मूलत: भारतीय जोनिटा की परवरिश कनाडा में हुई। पिता के संगीत में रुचि होने के कारण जोनिटा का रुझान भी इस क्षेत्र में बढऩे लगा और हेल्थ साइंस व बिजनेस आदि विषयों में डिग्री करने के बाद उन्होंने संगीत को ही अपने कॅरियर के तौर पर चुना। जोधपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंची जोनिटा ने राजस्थान पत्रिका के रिपोर्टर हर्षवर्धन सिंह से बातचीत की।
- आपने वेस्टर्न क्लासिकल संगीत की तालीम ली है, यह क्या है और भारतीय संगीत की तालीम कैसे ली?
- वेस्टर्न क्लासिकल संगीत को सभी लोग ओपेरा के साथ जोड़ते हैं। वह यहीं तक सीमित नहीं है। इसमें भी विभिन्न विधाएं हैं। मैंने ओपेरा के एक भाग की ट्रेनिंग ली है। भारतीय संगीत में शिक्षा की शुरुआत अच्छी नहीं थी, लेकिन मुबंई आकर सयाली तलवलकर से बारीकियां सीखीं।
- आपके पसंदीदा गायक?
- पाश्चात्य गायकों में बियोन्से और भारतीय गायकों में मुझे आशा भोंसले की आवाज सबसे ज्यादा लुभाती है। नई आवाज में अरिजीत सिंह पहली पसंद हैं।
- क्या कनाडा में भी भारतीय संगीत पसंद किया जाता है?
- बिलकुल। वहां भारतीयों की संख्या अधिक है। इसलिए बॉलीवुड संगीत सभी को अच्छा लगता है। कनाडा के मूल निवासियों को भांगड़ा की बीट्स पर थिरकने में मजा आता है। आज भारतीय संगीत ग्लोबल हो चुका है। इसके प्रति लोगों में दीवानगी बढ़ी है।
- आपका उच्चारण पूर्ण रूप से अंग्रेजी है। ऐसे में हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषाओं में गाना गाने पर दिक्कत नहीं होती?
- मूलत: मैं भारत की हूं। घर में हिंदी बोलने का माहौल रहा है। इसलिए हिंदी में कोई खास दिक्कत नहीं हुई। लेकिन दक्षिण भारतीय भाषाओं में गाना गाने की शुरुआत में खासी परेशानी हुई। लगातार रियाज और सहयोग से मैंने इन भाषाओं का सही उच्चारण समझा। अब मैं स्टेज परर्फोमेंस भी आराम से दे सकती हूं।
- दिग्गज संगीत निर्देशक एआर रहमान के सानिध्य में गाने का अनुभव कैसा रहा?
- मैं अभी तक यकीन नहीं कर पा रही हूं कि मैंने उनके संगीत निर्देशन में आवाज दी है। यह सपने के सच हो जाने जैसा है। वे यंग टैलेंट को खोज निकालते हैं और उन्हें अपने निर्देशन में मौका देते हैं। वे युवा कलाकारों की खोज में लगे रहते हैं।
- जोधपुर आकर कैसा लग रहा है?
- मैं यहां पहले भी आई हूं, लेकिन अधिक समय के लिए नहीं। राजस्थान हमेशा से ही पर्यटकों और कलाकारों की पसंद रहा है। अभी आई हूं, इसलिए यहां बहुत कुछ एक्सप्लोर करना बाकी है।
Published on:
19 Nov 2016 05:58 pm
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