24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बच्चों ने कैनवास पर उकेरा अपने सपनों का चिडिय़ाघर

  वन्य प्राणी सप्ताह का समापन समारोह 7 को

2 min read
Google source verification
बच्चों ने कैनवास पर उकेरा अपने सपनों का चिडिय़ाघर

बच्चों ने कैनवास पर उकेरा अपने सपनों का चिडिय़ाघर

जोधपुर. वनविभाग के वन्यजीव मंडल जोधपुर की ओर से ऑनलाइन आयोजित 66 वे वन्यप्राणी सप्ताह का समापन 7 अक्टूबर को दोपहर 3 से 4 बजे के मध्य होगा। वन्यजीवों पर आधारित विभिन्न वर्ग की प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन शीर्ष स्थान पाने वाले विजेताओं को विशेष ई-प्रमाण पत्र एवं शेष प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र ई-मेल पर भेजे जाएंगे। वन्यप्राणी सप्ताह के पांचवे दिन सोमवार को ऑनलाइन आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए। मंगलवार को विभिन्न वर्ग के लिए दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक वन्यजीवों पर आधारित क्विज प्रतियोगिता होगी। सहायक वन संरक्षक (वन्यजीव) कृष्णकुमार व्यास ने बताया की इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण वन्यप्राणी सप्ताह ऑनलाइन मनाया जा रहा है। वन्यप्राणी सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में जोधपुर सहित जिले की करीब 50 विद्यालयों के 495 विद्यार्थी अलग-अलग वर्ग की प्रतियोगिताओं में उत्साह से भागीदारी निभा रहे हैं। सोमवार को ऑनलाइन वेबिनार ने पक्षी व सर्प व्यवहार विशेषज्ञ शरद पुरोहित ने प्रवासी पक्षियों, उनके व्यवहार, उनके मिलने के स्थान तथा पर्यावरण प्रदूषण के कारण पक्षियों की संख्या में आ रही कमी के बारे में जानकारी दी । वेबिनार में ऑनलाईन निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया गया।

वन्यप्राणी सप्ताह में आयोजित प्रतियोगिताओं का परिणाम

चीतल समूह में राज्य पक्षी गोडावण विषयक हिन्दी निबंध प्रतियोगिता में सेंट पॉल सीसै स्कूल के लक्ष्य बारहठ, हार्दिक मूंदड़ा व स्टेपिंग स्टोन्स स्कूल के द्रोयल दवे क्रमश: प्रथम,द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। सांभर गु्रप में सेंट एन्स स्कूल की याना कांकरिया व लक्ष्य प्रताप तथा महेश सेैकण्डरी स्कूल के गोरधन विजेता रहे। चित्रकला प्रतियोगिता के अलग-अलग वर्ग में अमन भाटी, कोमल चौहान,युवराज चेटवाणी, दिव्यांश भदानिया,अपेक्षा यादव, लखन भाटी, याना कांकरिया, रौनक निर्वाण, अनन्या राठी, मनुश्री शेखावत विजेता रहे। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपने सपनों का चिडिय़ाघर और मेरा प्यारा वन्यजीव और वन्यजीवों की दिनचर्या, वन्यजीवों की प्रजातियों व उनके दर्द को बखूबी कैनवास पर उकेरा।