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hight court decision चोट लगने पर टूटी थी सगाई, अब कोर्ट ने सुनाया यह फैसला

hight court decision एक युवती के चोट लग गई। इस कारण सगाई तोड़ने का भी आरोप मंगेतर पर लगाया। साथ ही यौन शोषण का भी आरोप लगा। इसके बाद मंगेतर ने दूसरी युवती से शादी कर ली तो पहली युवती ने मामला दर्ज कराया। इस पूरे प्रकरण के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कि अनुसंधान के आधार पर प्रताडि़त नहीं किया जाए।
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hight court decision चोट लगने पर टूटी थी सगाई, अब कोर्ट ने सुनाया यह फैसला

hight court decision चोट लगने पर टूटी थी सगाई, अब कोर्ट ने सुनाया यह फैसला

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट highcourt ने एक युवती द्वारा दर्ज करवाए गए दुष्कर्म के मामले में परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कहा कि अनुसंधान की आड़ में उसे प्रताडि़त नहीं किया जाए।
न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकल पीठ में याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रवि भंसाली एवं अधिवक्ता मोहित सिंघवी ने कहा कि प्रथम दृष्टया युवती ने याची को सामाजिक व मानसिक चोट पहुंचाने के तहत झूठा मामला दर्ज करवाया है। ऐसे में याची को बतौर आरोपी न्यायिक हिरासत एवं पूछताछ के लिए तलब करना न्यायसंगत नहीं है।

यह भी पढ़ें : Rape युवती के कमर दर्द हुआ तो मंगेतर ने तोड़ दी सगाई

भंसाली ने कहा कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता की शादी 18 जुलाई, 2021 को होनी थी, जो चोट लगने के कारण स्थगित हो गई। इसके बाद कुछ मतभेद सामने आए। याचिकाकर्ता ने हाल ही 19 अप्रैल, 2022 को एक अन्य लडक़ी से शादी की है। इस बात से नाराज होकर शिकायतकर्ता ने 18 अप्रैल को याचिकाकर्ता को परेशान करने और उसके विवाहित जीवन को नष्ट करने की दृष्टि से प्राथमिकी दर्ज करवाई है। प्राथमिकी में यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण हैं, क्योंकि जुलाई, 2021 में सगाई टूट गई थी, लेकिन आठ महीने तक शिकायतकर्ता ने कोई कदम नहीं उठाया।

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पड़ोसी को मुक्के मारकर हत्या के आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास

जोधपुर.सात वर्ष पूर्व के प्रयास के आरोपी को जिला न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। 17 मार्च 2015 को सत्तार खान ने सदर पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि उसके पुत्र शाहरुख को उसी मोहल्ले में रहने वाले अनीस ने मुक्कों से वार कर घायल कर दिया जिससे वह बेहोश हो गया,बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई ।पुलिस ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 तथा अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया।अंतिम बहस के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने बचाव करते हुए कहा कि आरोपी का उद्देश्य मृतक को मारने का नहीं था।अपर लोक अभियोजक अनिलसिंह देवड़ा ने कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश संख्या दो प्रवीणकुमार मिश्रा ने 22 गवाहों तथा साक्ष्य के आधार पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 की बजाय 304 ए के तहत आरोप साबित मानते हुए अनीस खान पुत्र अख्तर खान को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने मृतक शाहरुख खान
के परिवार को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 के तहत आर्थिक सहयोग के लिए जिला विधिक प्राधिकरण को अनुशंसा भेजी है।

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