
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से जेएनवीयू के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. प्रदीपकुमार शर्मा को इस पद से हटाने के निर्देश के बावजूद कुलपति ने चुप्पी साध रखी है। उधर सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती 2012-13 में दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए गठित तीन शिक्षकों की कमेटी की रिपोर्ट मंगलवार को भी कुलपति को नहीं मिल सकी। रजिस्ट्रार की पत्नी के शिक्षक भर्ती घोटाले में चयनित होने के चलते रिपोर्ट के प्रभावित होने की आशंका है।
उच्च शिक्षा विभाग ने 14 महीनों से रजिस्ट्रार पद पर जमे रसायन विज्ञान के शिक्षक प्रो. शर्मा को हटाने के निर्देश दिए थे। डेढ़ महीने पहले राज्य सरकार ने आरएएस अधिकारी हरीसिंह राठौड़ को विवि का रजिस्ट्रार बनाया था लेकिन उन्होंने जॉइन नहीं किया। शिक्षक भर्ती 2012-13 में एसीबी ने मामला दर्ज कर घोटाले में शामिल कई शिक्षकों को गिरफ्तार किया था। पिछले 14 महीनों से एसीबी की जांच भी धीमे चल रही है। विवि की ओर से बर्खास्त 34 शिक्षकों के मामले में भी प्रो. शर्मा ने केवियट दायर करने के बावजूद कोर्ट में अण्डरटेकिंग दी थी और ये 34 शिक्षक बर्खास्त होने के बावजूद एक साल से विवि में नौकरी कर रहे हैं और वेतन-भत्ते भी उठा रहे हैं।
प्रो. दशोरा को भी दस्तावेज नहंी दिए थे विवि ने
राज्य सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती मामले में गठित कोटा विवि के पूर्व कुलपति प्रो. पीके दशोरा की हाई लेवल कमेटी नवम्बर 2017 में विवि पहुंची। प्रो. दशोरा को विवि ने शिक्षक भर्ती घोटाले में शामिल कई शिक्षकों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए, जिसका उल्लेख प्रो. दशोरा ने अपनी रिपोर्ट में किया है। दस्तावेज उपलब्ध करवाने का कार्य रजिस्ट्रार का था लेकिन वे दस्तावेज देने से बचते रहे।
14 दिन बाद ही जांच आगे बढ़ेगी
प्रो. शर्मा 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद विवि किसी अन्य शिक्षक को रजिस्ट्रार का कार्यभार सौंपेगा तब तक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच भी रुकी रहेगी।
राजभवन बात करुंगा
उच्च शिक्षा विभाग ने रजिस्ट्रार के मामले में कार्रवाई करने को कहा था। इस मामले में राजभवन बात करुंगा। वैसे हमने सरकार को नया रजिस्ट्रार लगाने के लिए पत्र लिखा है।
डॉ. राधेश्याम शर्मा, कार्यवाहक कुलपति, जेएनवीयू जोधपुर
रजिस्ट्रार को हटाने के निर्देश दिए हैं
हमने विवि प्रशासन को रजिस्ट्रार को हटाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहंी हुई, इसकी जांच करवाता हूं।
सुबोध अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव, उच्च शिक्षा विभाग जयपुर