
गार्ड ने वैद्य बनकर की थी 42 लाख रुपए की
भोपाल.
मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में शाहपुरा निवासी राकेश मोहन विरमानी से 44 लाख रुपए ऐंठने वाली गैंग का भोपाल क्राइम ब्रांच ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। वह जयपुर का रहने वाला है। और गार्ड की नौकरी करता है। लेकिन वह वैद्य बनकर बुर्जुगों को लूटता था।
गैंग में 7 लोग
27 वर्षीय आरोपी सावर लाल जाट ढाणी पीपली, जयपुर का निवासी है। उसने बताय कि उसकी गैंग 7 लोग हैं। वह तथा उसके दो-तीन साथी जोधपुर में रहते हैं। बाकी के सदस्य भोपाल के आउटर क्षेत्र में रहते हैं।
इस तरह ढूंढ़ते थे बुजुर्ग
गैंग के सदस्य दिन एवं शाम के समय बड़े होटल एवं रेस्टोरेंट के पास जाकर बुजुर्ग एवं ऐसी महिलायें जिनको चलने में दिक्कत होती है, उन्हें टारगेट करते हैं। महिलाओं से बोलते थे कि मेरी मां को भी पैरों में तकलीफ थी, जिसका इलाज मैंने वैद्य से कराया है। इस तरह से महिलाओं को अपने झांसे में लेकर गैंग के वैद्य साथी का नंबर देते थे।
धोखाधड़ी का मामला दर्ज
भोपाल में हुई शिकायत में राजीव, डॉ आर पटेल, संजीवनी आयुर्वेदिक भंडार, अन्य एक व्यक्ति के नाम पर 44 लाख की धोखाधड़ी का मामला ंंदर्ज हुआ था। विरमानी के अनुसार गैंग का सदस्य वैद्य बनकर आए थे। पीडि़त महिला के पैरों में फनलनुमा यंत्र के माध्यम से मवाद जैसी चीज को निकाला, उसे जहर बताया। मवाद बाहर निकलने से पीडि़त महिला को आराम महसूस हुआ। इस तरह उनके द्वारा लगभग 400 बार यह प्रक्रिया करायी गई, जिसमें से कुछ पैसे पीडि़त के द्वारा घर पर दिये गये, शेष पैसे 21 लाख रुपये अपने बैंक से वैद्य के सहायक को ले जाकर बैंक से गैंग के सदस्यों के खातों में आरटीजीएस किये गये। इस तरह से आरोपियों ने कुल 42 लाख रुपये लूट लिए।
Published on:
06 May 2023 12:45 am
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