
राजस्थान के इस जिले में मछलियों की खेप तैयार कर रहे हैं अफसर
-चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग :
-परेशानी से पहले बांधी पाल, मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारी
-तालाबों, पानी भरी खानों में लार्वा मारने के लिए गम्बूसिया मछलियां छोड़ी जाएगी
जोधपुर.
बरसात का मौसम आते ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ जाती है। इन दिनों जोधपुर में बरसात का दौर शुरू होते ही विभाग के अफसरों ने मछलियों की खेप पनपाने की तैयारी कर ली है। जी हां ब्लॉक स्तर के अफसरों को हैचरी में गम्बूसिया मछलियां तैयार करने के लिए निर्देश काफी पहले ही दे दिए गए थे। जिन तालाबों या पत्थर की खानों में बरसानी पानी एकत्र हो जाएगा। वहां पर इन गम्बूसिया मछलियां को छोड़ा जाएगा, ताकि मच्छरों का लार्वा पैदा होने पर उनका खात्मा किया जा सके। ग्रामीण पीएचसी की ओर से हैचरिज में गम्बूसिया मछलियां तैयार कर ली गई है। जहां पानी का ठहराव होगा, वहां पर मछलियां छोड़ी जाएगी।
10 खण्डों की जिम्मेदारी संबंधित पीएससी
बरसात का दौर शुरू होने के साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। मौसमी बीमारियों पर रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय ने जिले को 16 खण्ड में बांटते हुए प्रभारियों की जिम्मेदारियां सुनिश्चित की है। जोधपुर शहरी क्षेत्र के वार्डों को 10 खण्डों की जिम्मेदारी संबंधित पीएससी को दी गई है।
कार्ययोजना तैयार, जिम्मेेदारी सुनिश्चित
सीएमएचओ डॉ. सुरेन्द्रसिंह चौधरी ने बताया कि जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया आदि रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कार्ययोजना तैयार कर जिम्मेेदारी सुनिश्चित कर दी है। जिन तालाबों या पत्थर की खानों में पानी का ठहराव रहेगा, वहां मच्छरों का लार्वा नहीं पनपें। इसलिए उस पानी में गम्बुसिया मछलिया छोड़ी जाएगी। ताकि मछलियां लार्वा को नष्ट कर देंगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की सभी उपकेन्द्रों पर मच्छररोधी स्प्रे या फोगिंग आदि का सामान भेज दिया गया है। ग्रामीण पीएचसी की ओर से हैचरिज में गम्बूसिया मछलियां तैयार कर ली गई है। जहां पानी का ठहराव होगा, वहां पर मछलियां छोड़ी जाएगी।
Published on:
20 Jul 2018 11:37 pm
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