
जोधपुर. दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आइसीएआइ) ने शुक्रवार को सीए फाइनल, सीए फाउण्डेशन और सीपीटी (कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट) का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। सीए फाइनल में जोधपुर के मुकुंद माहेश्वरी ने देश में 5 वां और सुमनेश खत्री ने 14 वां स्थान प्राप्त किया। दोनों मैरिट इसी वर्ष पहली बार लागू सीए पाठ्यक्रम के नए पैटर्न से मिली है। दोनों ग्यारहवीं कक्षा से दोस्त हैं और मुंबई से आर्टिकलशिप कर रहे हैं। दोनों एक ही कमरे में रहकर पढ़ाई करते हैं। आइसीएआइ ने इस वर्ष स्थानीय स्तर पर पास-फेल के डाटा जारी नहीं किए हैं।
आइएएस है लक्ष्य
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी मुकुंद ने 800 में से 513 अंक हासिल किए। वह यूएसए से चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट का कोर्स करना चाहता है। अंतिम तौर पर वह सिविल सर्विस की तैयारी करेगा। मुकुंद परीक्षा के दिनों में 12 से 14 घण्टे पढ़ाई करता था। उसके दसवीं में 10 सीजीपीए और 12वीं में 96.8 प्रतिशत बने। उसका कहना है कि कठिन परिश्रम के साथ परीक्षा संबंधी एप्रोच भी मायने रखती है। स्व. नरेंद्र कुमार के पुत्र मुकुंद की माता संतोष भी सीए है। उसका बड़ा भाई निकुंज आइआइटी मुंबई से बीटेक करने के बाद जापान में है।
पढ़ाने में रुचि
भट्टी की बावड़ी निवासी सुमनेश ने 480 अंक हासिल किए। उसने व मुकुंद ने नए पैटर्न का इसलिए चयन किया क्योंकि मुंबई में रहते हुए नए कानून व नियमों से अधिक परिचित थे और नया पैटर्न वर्तमान जरुरतों के मुताबिक है। दसवीं में 10 सीजीपीए और 12वीं में 96.6 प्रतिशत हासिल करने वाला सुमनेश एमबीए करने के बाद अध्यापन में कॅरियर बनाएगा। उसके पिता कमलेश खत्री बिजनेसमैन और माता लीलावती गृहिणी है। बड़ा भाई दुबई में है।