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चरक व सुश्रुत संहिता का हिंदी अनुवाद हो, ताकि आम जनता भी पढ़ सके

- आयुर्वेद विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने आयुष चिकित्सकों से कहा- गरीबों को उनसे काफी उम्मीदें हैं- 949 विद्यार्थियों को उपाधियां वितरित, 5 को गोल्ड मेडल

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चरक व सुश्रुत संहिता का हिंदी अनुवाद हो, ताकि आम जनता भी पढ़ सके

चरक व सुश्रुत संहिता का हिंदी अनुवाद हो, ताकि आम जनता भी पढ़ सके

जोधपुर. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह मंगलवार सुबह वर्चुअली आयोजित हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति व राज्यपाल कलराज मिश्र ने आयुर्वेद की धरोहर चरक और सुश्रुत संहिता का आधुनिकीकरण कर हिंदी में अनुवाद करने की सलाह दी ताकि ये आम जनमानस के लिए उपलब्ध हो सके। उन्होंने आयुष चिकित्सकों से कहा कि वे बगैर जाति, धर्म और वर्ग में भेदभाव किए परामर्श देंवे। ऐसे बहुत लोग है जो महंगी चिकित्सा वहन नहीं कर सकते। उनको आपसे काफी उम्मीदें हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि संपूर्ण विश्व में आयुर्वेद की मांग बढ़ रही है। पूरा विश्व भारतीय पद्धतियों की ओर आकर्षित हो रहा है। विवि के कुलपति प्रो अभिमन्यु कुमार सिंह ने दीक्षांत समारोह का प्रतिवेदन पढ़ा।

राज्यपाल व छात्रों की अलग-अलग रिकॉर्डिंग बनाकर मिक्स की
आयुर्वेद विवि का दीक्षांत समारोह प्री रिकॉर्डेड था। राज्यपाल, चिकित्सा मंत्री, विवि के कुलपति सहित अन्य शिक्षकों का भाषण रिकॉर्ड किया गया था। सभी ने दीक्षांत समारोह की वेशभूषा और साफा पहना। विवि में स्वर्ण पदक और सर्टिफिकेट लेने वाले छात्र-छात्राओं को बुलाकर इस तरह से रिकॉर्डिंग की गई थी जैसे वे किसी से स्वर्ण पदक या सर्टिफिकेट प्राप्त कर रहे हैं। उसके बाद जयपुर में राजभवन जाकर राज्यपाल की स्वर्ण पदक व सर्टिफिकेट देते हुए रिकॉर्डिंग की गई। दोनों रिकॉर्डिंग को इस तरह से मिक्स किया जैसे राज्यपाल एक ही मंच पर विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दे रहे हैं।

949 को डिग्रियां वितरित
- 949 विद्यार्थियों को उपाधियां वितरित
- 365 बीएएमएस के
- 238 बीएचएमएस के
- 97 बीयूएमएस
- 53 बीएनवाईएस
- 144 एमडी आयुर्वेद
- 8 एमडी होम्योपैथी
- 21 पीएचडी आयुर्वेद
- 23 बीएससी नर्सिंग आयुर्वेद

5 में से 4 गोल्ड मेडल छात्राओं को
राज्यपाल ने टॉपर विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल पहनाए। स्नातक आयुर्वेद में टॉपर कल्पना यादव, होम्योपैथिक में शिवानी अग्रवाल, बीएससी नर्सिंग में सुमन, स्नातक यूनानी में उमी अमीन और प्राकृतिक चिकित्सा व योगा में रामलाल को गोल्ड मेडल मिला।

विभिन्न पाठ्यक्रम में पहली से तीसरी रैंक
पाठ्यक्रम---------प्रथम---------------द्वितीय -----तृतीय
बीएएमएस----- कल्पना यादव-----गरिमा गुप्ता -----आयुषि खण्डेलवाल
बीएचएमएस----शिवानी अग्रवाल-----दिनेश सुरा----- महिमा देवानी
बीयूएमएस-----उमी अमीन -----आमिरा एफ अलवी----- उजमा हुसैन
बीएनवाईएस----- रामलाल ----- मनीषा साहू----- विजय वर्मा
बीएससी नर्सिंग--- सुमन ----- नीलम गोस्वामी----- कमलेश

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