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चिकित्सकों के अभाव में तिंवरी सीएचसी खुद बीमार

एक डॉक्टर के भरोसे सैकड़ों मरीज, स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव में महिलाओं को परेशानी  
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जोधपुर

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Nandkishor Sharma

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Updated: 20 Feb 2024, 12:51 AM IST

चिकित्सकों के अभाव में तिंवरी सीएचसी खुद बीमार

चिकित्सकों के अभाव में तिंवरी सीएचसी खुद बीमार

जोधपुर/ तिंवरी@ पत्रिका. तिंवरी कस्बे में स्थित सरकारी अस्पताल कहने को तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन वास्तविक हालात पीएचसी जैसे भी नहीं है। वर्तमान में यहां महज एक चिकित्सक कार्यरत है लेकिन उस के पास भी सीएचसी प्रभारी व बीसीएमओ तिंवरी का चार्ज है । ऐसे में चिकित्सक का अधिकांश समय विभागीय कार्यवाही में ही चला जाता है जिसके चलते मरीजों को समस्या का सामान करना पड़ता है । सीएचसी की ये हालात लम्बे समय से बने हुए है। तिंवरी कस्बे की आबादी 23 हजार से ज्यादा है । साथ ही आस- पास के गांवों से भी मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं। लेकिन उन्हें चिकित्सकों की कमी के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । तिंवरी में सरकारी अस्पताल को सीएचसी में क्रमोन्नत हुए करीब तीन वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। क्रमोन्नत होने के बाद कस्बे की जनता को इस अस्पताल से काफी अपेक्षाएं थी। कस्बा काफी बड़ा होने से अस्पताल की महत्ता भी काफी है, लेकिन स्वीकृत पद आज तक पूरे नहीं भरे गए। सीएचसी में पांच विशेषज्ञों के पद स्वीकृत है, लेकिन एक बार भी सभी पदों पर चिकित्सक यहां नियुक्त नहीं हुए। ऐसे में मरीजों को सामान्य बीमारियों का उपचार तो यहां मिल पा रहा है लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं होने से मरीजों को मजबूरन जोधपुर जाना पड़ रहा है।वर्तमान में यह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र महज एक डाक्टर के भरोसे चल रहा है। स्वीकृत पदों में से आधे से अधिक पद लम्बे समय से रिक्त हैं। अस्पताल में हर माह हजारों की संख्या में मरीज आते है । यदि पिछले 6 माह की ही बात करे तो ओपीडी में 32 हजार 466 मरीज उपचार के लिए आ चुके है।

महिला चिकित्सक का अभाव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिंवरी काफी समय से चिकित्सकों के पद रिक्त है व लम्बे समय से क्षेत्र की महिलाओं की ओर से स्त्री रोग विशेषज्ञ लगवाने की मांग भी की जा रही है। गर्भवती व अन्य महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव में जोधपुर जाना पड़ता है । महिला चिकित्सक होने से महिलाओं को परेशानी से निजात मिल सकती हैं।
यह पद है रिक्त -----------संख्या
शल्य चिकित्सक----------- एक
व. चिकित्सा अधिकारी ----एक
चिकित्सा अधिकारी---------दो
नर्स श्रेणी प्रथम ------------एक
फार्मासिस्ट------------------एक
महिला स्वास्थ्य दर्शिका----एक
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी-------- चार
सफाई कर्मचारी -------------एक


मरीजों की संख्या
अगस्त 5012
सितंबर 5112
अक्टूबर 5342
नवंबर 5568
दिसंबर 5975
जनवरी 5457

रिक्त पद भरने से मिलेगी राहत
चिकित्सकों के अभाव में काफी दिक्कत होती है ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाएं मिलनी चाहिए। जितने भी रिक्त पद है उनको शीघ्र भरा जाना चाहिए ताकि आम जन को आर्थिक रूप से फायदा मिल सके व गांव में ही बेहतर इलाज मिल सके ।
-मुकेश रामावत- समाज सेवी

इनका कहना...
रिक्त पदों के बारे में राज्य सरकार को अवगत करवा दिया गया है । जल्दी ही रिक्त पद भरे जाएंगे।
जितेंद्र पुरोहित, सीएमएचओ ,जोधपुर