
2 घंटे में 370 बार टूटे यातायात नियम, नजर नहीं आया कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी
8 पॉइंट पर 16 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, मौके पर सिर्फ एक तैनात मिला
50 वाहनों ने सिग्नल लाइन तोड़ी
100 वाहनों ने पार्र्किंग लाइन का उल्लंघन किया
120 से ज्यादा लोग बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के दिखे
50 लोग मोबाइल पर बात करते हुए मिले
50 टैक्सी व सिटी बस रोड के बीच खड़ी रही
-ग्राउंड रिपोर्ट
रणवीर चौधरी
जोधपुर.
शहर में आखलिया चौराहा से पांचवीं रोड व बारहवीं रोड से एमडीएम चौराहा तक की रोड को ट्रैफिक पुलिस (treffice news ) ने जीरो टॉलरेंस रोड ( zero tolerance ) घोषित कर रखा है। पत्रिका टीम ने दो घंटे तक जीरो टॉलरेंस रोड के हालात देखे तो दोनों रोड पर हर जगह टॉलरेंस नजर आया। दोनों रोड के 8 पॉइंट पर कुल 16 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन महज बोम्बे मोटर्स चौराहा पर एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात दिखा। दोपहर तीन से चार बजे और शाम छह से सात बजे तक करीब 370 लोगों ने यातायात नियम तोड़े। इनमें लोग बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और मोबाइल पर बात करते वाहन चलाते हुए यातायात नियमों को खुलेआम तोड़ रहे थे। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए चौराहा पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी ( treffice police e news )भी नहीं थे। दोनों रोड पर सुबह व शाम होते ही वाहनों के जाम लग जाते हैं। इसका कारण लोगों के पार्र्किंग लाइन का उल्लंघन कर रोड पर वाहन खड़े करना है।
7 चौराहों पर महज 1 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर
आखलिया चौराहे से पांचवीं रोड चौराहा तक की जीरो टॉलरेंस रोड ( Zero tolerance e road ) पर तीन चौराहा और बाहरवीं रोड से एमडीएम चौराहा तक चार चौराहे आते हैं। जीरो टॉलरेंस रोड पर यातायात व्यवस्था बनाने के लिए आठ पॅाइंट पर 16 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया हुआ है, लेकिन गुरुवार को पत्रिका ने पड़ताल की तो महज बोम्बे मोटर्स चौराहा पर स्थित घुमटी में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी नजर आया।
निजी बसों और शोरूम के बाहर पार्र्किंग से लगता है जाम
बोम्बे मोटर्स चौराहा पर जैसलमेर-बाड़मेर रूट पर जाने वाली निजी बसों का बस स्टेंड है। सवारियों के लिए मुख्य रोड पर बसें खड़ी रहती हैं। इनके साथ टैक्सी व सिटी बसें भी रोड पर खड़ी रहती हैं। इससे रोड पर दिनभर जाम लगता रहता है। इधर बोम्बे मोटर्स चौराहा से एमडीएम चौराहा तक दर्जनों शोरूम और कॉमर्शियल ऑफिस हैं। अधिकतर इमारतों में पार्र्किंग नहीं होने के कारण रोड के पास ट्रैफिक पुलिस ने पार्र्किंग लाइन बनाकर पार्र्किंग की व्यवस्था की है। लेकिन अधिकतर वाहन पार्र्किंग लाइन का उल्लंघन कर रोड पर पार्क नजर आए।
त्यौहार के सीजन में ड्यूटी कहीं ओर लगा दी होगी
जीरो टॉलरेंस रोड के आठ पॉइंट पर 16 टै्रफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा रखी है। लेकिन त्यौहार के कारण इनकी ड्यूटी दूसरी जगह लगा दी होगी। रोड का निरीक्षण कर यातायात नियम तोडऩों वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निर्मला बिश्नोई, एडीसीपी (यातायात)
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क्या है जीरो टॉलरेंस रोड
आदर्श जीरो टॉलरेंस रोड में यातायात के सभी नियमों की पूर्ण रूप से पालना होनी चाहिए। इनमें वाहन चालकों के हेलमेट, सीट बेल्ट, सिग्नल, जेब्रा लाइन, पार्र्किंग लाइन की पालना सहित सभी निमयों की पालना अनिवार्य होती हैं। इसके साथ ही टै्रफिक पुलिस की ओर से सिग्नल लाइट, जेब्रा लाइन, रोड के दोनों ओर पार्र्किंग लाइन व यातायात नियमों के साइन बोर्ड होते हैं। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी को तैनात कर लोगों को नियमों की पालना के लिए जागरूक किया जाता है और नियम तोडऩे पर सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए।
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पत्रिका व्यू
सख्ती से हो पालना
जोधपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए नित नए प्रयोग होते रहते हैं, लेकिन व्यवस्था बनाने वाले विभाग और यातायात पुलिस कुछ समय बाद ही पुराने ढर्रे पर आ जाते हैं। जीरो टॉलरेंस रोड का सीधा मतलब होता है ‘यातायात नियमों की सम्पूर्ण पालना’, लेकिन जोधपुर की जीरो टॉलरेंस रोड पर लगभग सारे नियम टूटते नजर आना यातायात पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। यातायात पुलिस को चाहिए कि जिस सडक़ को जीरो टॉलरेंस घोषित कर दिया है वहां यातायात नियमों की सख्ती से पालना होनी ही चाहिए। दूसरी तरफ वाहन चालकों की भी जिम्मेदारी है कि वे वाहन चलाते समय यातायात नियमों की पूरी पालना करें। तभी शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो पाएगा।
Published on:
10 Aug 2019 11:34 pm
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