
unique diwali
दिलकश नगमे, मधुर संगीत, भजन और दिल को छूने वाले गीतों और आतिशबाजी के बीच उन सके चेहरे खुशी से दमक रहे थे। यहां थे कोंपलों जैसे मासूम बच्चे, ढलती उम्र के बुजुर्ग और उनमें जोश और उमंग एेसी कि चेहरों पर खुशी और अपार उत्साह नजर आ रहा था। उमंगों से सजी यह एक अनूठी दीपावली थी।
आवाज का जादू
राजस्थान पत्रिका संपादकीय स्टाफ की ओर से चौपासनी हाउसिंग बोर्ड 16 सेक्टर स्थित नवजीवन संस्थान में स्नेह की डोर से बंधा दीपावली उत्सव ' रिश्तों का उजास ' हर्षोल्लास से मनाया गया। दिवाली की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में जोधपुर के जाने माने गायक जगदीश हर्ष व नेहा हर्ष ने खनकती आवाज का जादू जगाया।
आंगन में सजे दीपक
वहीं बच्चों व बुजुर्गांें ने भी गीत पेश कर इस शाम को यादगार बना दिया। पत्रिका संपादकीय परिवार के सदस्यों ने संस्थान के आंगन को दीयों की रोशनी सजाया। साथ ही बच्चों व बुजुर्गों के संग इन्द्रधनुषी आतिशबाजी से दिवाली की रंगीनियां बिखेरीं। दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर सभी का मुंह मीठा करवाया।
मुजरो सा, मेहमान कोनी हूं : शैलेश लोढ़ा
छोटे पर्दे पर प्रसारित हास्य धारावाहिक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा Ó फेम कलाकार व हास्य कवि जोधपुर के शैलेष लोढ़ा भी दीपावली की पूर्व संध्या पर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड 16 सेक्टर स्थित नवजीवन संस्थान में आयोजित ' रिश्तों का उजास ' कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान शैलेश ने कहा कि राजस्थान पत्रिका से उनका जुड़ाव दशकों से रहा है।
गहरा रिश्ता नाता रहा
शैलेष ने कहा कि पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूरचन्द्रजी कुलिश ने जब मेरे काव्य संग्रह का विमोचन किया तब से पत्रिका परिवार के साथ मेरा गहरा रिश्ता नाता रहा है। आज इस कार्यक्रम में आकर मेरी दीपावली सफल हो गई। सामाजिक सरोकार सदैव अग्रणीय राजस्थान पत्रिका और उनके पूरे परिवार को धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने संस्थान के सभी बच्चों को ऑटोग्राफ देने के साथ उनके साथ तस्वीर भी खिंचाई और बातें भी साझा की।
कशफी की आवाजों पर क्विज व इनाम
कार्यक्रम में कोयल, मोर, कौवे और बिल्ली की आवाज निकाल कर सभी का दिल जीतने वाले बाल कलाकार कशफी की प्रस्तुति पर बच्चों के लिए क्विज का आयोजन किया गया। सही जवाब देने वाले बच्चों को इनाम दिए गए।
यादगार शाम ही हमारी कमाई : उपाध्याय
राजस्थान पत्रिका के संपादकीय प्रभारी ज्ञानेश उपाध्याय ने कहा कि राजस्थान पत्रिका परिवार की असली कमाई यही है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ बिताई गई यह शाम हमेशा यादगार रहेगी। पिछले साल भी पत्रिका परिवार ने मंडोर स्थित अनुबंध वृद्धजन कुटीर आश्रम के वृद्धजनों के साथ दीपोत्सव मनाया था और यह लगातार दूसरा साल है, जब नवजीवन संस्थान के विशेष बच्चों और आस्था के बुजुर्गों के साथ दीपावली मनाने का मौका मिला है। एेसे आयोजन में शैलेष लोढ़ा जैसे कलाकार शामिल होने पर उनका आभार व्यक्त करता हूं। पत्रिका परिवार की ओर से के आर मुण्डियार, नंदकिशोर सारस्वत, एस के मुन्ना, सौरभ पुरोहित, चैनराज भाटी, गजेंद्रसिंह दहिया व निधि मिश्रा शामिल हुए। संचालन एम आई जाहिर ने किया।
पत्रिका का आभारी हूं
समाजसेवी व उद्यमी आर के आेझा ने कहा कि मैं राजस्थान पत्रिका परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि शैलेष लोढ़ा का भी आभारी हूं जिनके आने से संस्थान के बच्चों को अपने चहेते कलाकार से मिलने और बातचीत करने का मौका मिला।
बच्चों और बुजर्गों की पेशकश
नवजीवन संस्थान में आयोजित ' रिश्तों का उजास Ó कार्यक्रम में आस्था आश्रम के बुजुर्गों व नवजीवन संस्थान के विशेष बच्चों ने बेहतरीन प्रस्तुतियों से माहौल में उत्साह का संचार किया। तनु ने मातृत्व स्नेह पर आधारित पास बुलाते है.. प्रस्तुत कर कार्यक्रम का आगा•ा किया। इन्दु ने ओ पालन हारे निर्गुण और न्यारे तुमरे बिन..प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। शालू ने. तू कितनी अच्छी है प्यारी प्यारी है मां .., कविता ने अक्कड़ बक्कड़ बम्बे बो.. और कार्यक्रम के अंत में तनु, गीता, शालू और श्रुति ने प्रार्थना के स्वर ये मालिक तेरे बंदे हम.. के माध्यम से मंत्रमुग्ध किया।
सुचित्रा उपाध्याय और पूर्णिमा मुंडियार
कार्यक्रम में राजस्थान पत्रिका परिवार की नन्ही सदस्य सुचित्रा उपाध्याय और पूर्णिमा मुंडियार ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं। आस्था आश्रम के सदस्य धर्मेन्द्र दंपती की ओर से संस्थान के संस्थापक भगवानसिंह परिहार को समर्पित गीत किसी के काम आए उसे इंसान कहते है.. प्रस्तुत कर सेवा का संदेश दिया।
ये थे मौजूद
झूमती गाती इस शाम का साज, आवाज और आतिशबाजी के साथ समापन हुआ। जिसमें सभी बच्चें व बुजुर्गांें ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में नवजीवन संस्थान के संचालक राजेन्द्र परिहार, कोषाध्यक्ष महेन्द्र लोढ़ा, संस्थान सदस्य आरके ओझा, शोभा परिहार, अभिनव परिहार, अलका, सौरभ परिहार, शेरसिंह परिहार व लक्ष्मण टाक आदि मौजूद थे।
पत्रिका परिवार का आभार
नवजीवन संस्थान के राजेंद्र परिहार ने कहा कि नवजीवन संस्थान के बच्चों और बुजुर्गों के साथ राजस्थान पत्रिका परिवार का सदैव से जुड़ाव रहा है। दिवाली की पूर्व संध्या पर भक्ति संध्या का यह आयोजन यादगार बन गया।
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