लाल किले जैसा मंच और नेपथ्य में एलईडी पैनल के माध्यम से आउटडोर व इनडोर दृश्यों के बॉक ड्रॉप में मंच के आगे से सरपट दौड़ते घोड़े, मस्त चाल से चलते हाथी व थार के जहाज उंट की सेना का मार्चपास्ट ने एकबारगी दर्शकों को दाद देने पर मजबूर कर दिया। संवादों की अदायगी की रिकॉर्डिग के साथ ही गीतों व बैकग्राउंड म्यूजिक का स्कोर भी देखते ही बना। उल्लेखनीय है कि नगर निगम, जेडीए व विभिन्न संस्थानों के सहयोग से मंचित नाटक दुर्ग गाथा का मंचन 15 अक्टूबर तक रोजाना शाम साढे छ: बजे से किया जा रहा है। नाटक के मंचन के दौरान नगर निगम मेयर घनश्याम ओझा सहित कई स्थानीय संत आदि भी मौजूद थे। नाटक के अंत में आतिबाजी की गई। निर्देशक अरू स्वागत व्यास व लेखक अयोध्या प्रसाद गौड सहित संयोजक निर्मल गहलोत ने दर्शकों कलाकारों व तकनीशियनों का आभार प्रकट किय