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रावण का चबूतरा में जीवंत हुई वीर दुर्गादास की गाथा, मारवाड की आन-बान और शान को धरती पर उतारा..

रावण का चबूतरा में जीवंत हुई वीर दुर्गादास की गाथा...

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Veer Durgadas Rathore show in Jodhpur

Veer Durgadas Rathore show in Jodhpur

स्वामिभक्त और वीरता की मिसाल मारवाड़ के गौरव वीर दुर्गादास की गाथा पर आधारित भव्य लाइट एंड साउंड के टैक्नो शो का आगाज बुधवार को रावण का चबूतरा मैदान में शुरू हुआ। राव जोधा की बसाई हुई नगरी जोधाणा को मुगलों की सरपरस्ती से मुक्त करवाकर करीब साढ़े तीन सदी पहले महाराजा जसवंत सिंह के पुत्र अजीत सिंह को वीर दुर्गादास ने अपनी वीरता से जिस तरह उन्हें जोधपुर के सिंहासन पर आरूढ़ करवाया। उसी तरह का दृश्य कार्यक्रम के दौरान जीवंत हुआ।

इस अवसर पर राव जोधा के वंशज को उनका हक दिलवाने वाले वीर दुर्गादास की स्वामिभक्ति और शौर्य गाथा के साक्षी जोधपुरवासी बने। आदर्श विद्यामंदिर की प्रबंध समिति की ओर से लाइट एंड साउंड के टेक्नो शो के माध्यम से आयोजित इस शो का आयोजन अयोध्याप्रसाद गौड लिखित व एनएसडी दिल्ली के स्नातक अरू एवं स्वाति व्यास के कुशल निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में करीब 400 स्थानीय कलाकारों ने इस नाटक दुर्ग-गाथा के माध्यम से एक बारगी मारवाड की आन-बान और शान को धरती पर उतार दिया।

IMAGE CREDIT: girdhari paliwal

लाल किले जैसा मंच और नेपथ्य में एलईडी पैनल के माध्यम से आउटडोर व इनडोर दृश्यों के बॉक ड्रॉप में मंच के आगे से सरपट दौड़ते घोड़े, मस्त चाल से चलते हाथी व थार के जहाज उंट की सेना का मार्चपास्ट ने एकबारगी दर्शकों को दाद देने पर मजबूर कर दिया। संवादों की अदायगी की रिकॉर्डिग के साथ ही गीतों व बैकग्राउंड म्यूजिक का स्कोर भी देखते ही बना। उल्लेखनीय है कि नगर निगम, जेडीए व विभिन्न संस्थानों के सहयोग से मंचित नाटक दुर्ग गाथा का मंचन 15 अक्टूबर तक रोजाना शाम साढे छ: बजे से किया जा रहा है। नाटक के मंचन के दौरान नगर निगम मेयर घनश्याम ओझा सहित कई स्थानीय संत आदि भी मौजूद थे। नाटक के अंत में आतिबाजी की गई। निर्देशक अरू स्वागत व्यास व लेखक अयोध्या प्रसाद गौड सहित संयोजक निर्मल गहलोत ने दर्शकों कलाकारों व तकनीशियनों का आभार प्रकट किय